News Saga Desk
रांची। अनुसूचित जाति आयोग के गठन, आरक्षण की बहाली और राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग को लेकर शनिवार को अखिल भारतीय अनुसूचित जाति समन्वय समिति के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एससी समुदाय के लोग राजभवन के सामने एकत्रित हुए। जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अमर बाउरी भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश को स्वतंत्र हुए 78 वर्ष हो चुके हैं, फिर भी अनुसूचित जाति समुदाय सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक दृष्टि से आज भी पिछड़ेपन का शिकार है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि संविधान में दिए गए अधिकार अब केवल कागजों तक सिमट कर रह गए हैं।
चतरा से आए सामाजिक कार्यकर्ता रंजय भारती ने कहा कि झारखंड राज्य बनने के बाद अनुसूचित जातियों को न्याय मिलना चाहिए था, लेकिन आज भी समुदाय के लोग शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
प्रदर्शन के दौरान यह मांग भी उठाई गई कि रांची नगर निगम के महापौर पद को पुनः अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किया जाए और झारखंड विधानसभा के मुख्य द्वार पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की जाए। समूह ने यह चेतावनी भी दी कि यदि कोई विधायक या सांसद समुदाय की मांगों और संघर्षों में साथ नहीं देता है, तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
No Comment! Be the first one.