News Saga Desk
रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा विज्ञापन संख्या 14/2023 के तहत निकाली गई लेडी सुपरवाइजर भर्ती अब कानूनी विवाद में उलझ गई है। अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आयोग द्वारा लगाए गए उस अतिरिक्त नियम को चुनौती दी है, जिसके तहत समाजशास्त्र, मनोविज्ञान या गृह विज्ञान विषय को स्नातक के तीनों वर्षों में पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने दलील दी कि भर्ती नियमावली 2019, 2021 और 2023 में कहीं भी यह शर्त नहीं दी गई है। JSSC द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस को याचिकाकर्ताओं ने अवैध, मनमाना और नियम-विरुद्ध बताया है। उनका कहना है कि जिन्होंने इन विषयों को ऑनर्स, इलेक्टिव, सब्सिडियरी या पास कोर्स के रूप में पढ़ा है, वे सभी अभ्यर्थी पात्र माने जाने चाहिए।
याचिका में नौ पदों को अंतरिम रूप से सुरक्षित रखने का अनुरोध किया गया है, ताकि विवाद के अंतिम निपटारे तक पात्र उम्मीदवारों का हक प्रभावित न हो। अब यह मामला सीधे-सीधे उम्मीदवारों की पात्रता और नियुक्ति पर असर डालेगा, जिस पर हाईकोर्ट का फैसला अहम होगा।
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