देशभर में मॉनसून अलर्ट: बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

NEWS SAGA DESK

आईएमडी ने बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जानें अगले सप्ताह का मौसम पूर्वानुमान और किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर रहेगा।

देशभर में मॉनसून अलर्ट: कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली: देशभर में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले एक सप्ताह के लिए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। देशभर में मॉनसून अलर्ट के तहत बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़ और गुजरात सहित कई राज्यों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

आईएमडी के अनुसार, 12 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई। सामान्य 9.1 मिमी वर्षा के मुकाबले केवल 2.2 मिमी बारिश हुई, जो लगभग 75 प्रतिशत कम है। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है और कई इलाकों में भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।

देशभर में मॉनसून

देशभर में मॉनसून अलर्ट: बारिश की स्थिति

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बहुत कम बारिश तथा आठ राज्यों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई। यह स्थिति देश के लगभग 91 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र को प्रभावित करती है। वहीं 1 जून से 12 जुलाई तक पूरे मॉनसून सीजन में अब तक सामान्य से करीब 18 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं होती है तो इसका असर खरीफ फसलों, जलाशयों के जलस्तर और पेयजल उपलब्धता पर पड़ सकता है। हालांकि ताजा पूर्वानुमान से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

उत्तर भारत में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

आईएमडी ने उत्तराखंड में 18 जुलाई तक और हिमाचल प्रदेश में 16 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में गरज के साथ बारिश, बिजली चमकने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका भी जताई गई है।

बिहार-झारखंड समेत पूर्वी भारत रहेगा सबसे ज्यादा प्रभावित

देशभर में मॉनसून अलर्ट के बीच बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सबसे अधिक बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बिहार और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है।

झारखंड और ओडिशा में भी गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

मध्य और पश्चिम भारत में भी सक्रिय रहेगा मॉनसून

छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। विशेष रूप से 14 और 15 जुलाई को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

वहीं गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी मॉनसून सक्रिय रहेगा। इन क्षेत्रों में लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18 जुलाई तक व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान है। असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और कई इलाकों में बाढ़ तथा भूस्खलन का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

दक्षिण भारत में बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में हीटवेव

केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 14 जुलाई तक कुछ स्थानों पर हीटवेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। ओडिशा और तटीय तमिलनाडु में उमस भरा मौसम लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है।

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आईएमडी की आधिकारिक सलाह और आम लोगों के लिए जानकारी

आईएमडी ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण समुद्री परिस्थितियां खतरनाक बनी रह सकती हैं।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने, मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिन देशभर में मॉनसून की गतिविधियां काफी तेज रह सकती हैं, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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