अपनी सुहाग की रक्षा को लेकर सुहागिनों ने की वट वृक्ष की पूजा

News Saga Desk

अररिया। अररिया के शहरी समेत ग्रामीण इलाकों में सुहागिन महिलाओं ने सोमवार को अपनी सुरक्षा को लेकर वट वृक्ष की पूजा अर्चना की पति की लंबी आयु की कामना को लेकर वट सावित्री व्रत पर वटवृक्षों के नीचे जमा होकर पूजा अर्चना की। साथ ही रक्षा सूत्र बांधकर पति को विघ्न संकट से दूर रखने की कामना की। सुहागिन महिलाओं ने विधिवत पूजन उपरांत वट वृक्ष की परिक्रमा की। वट वृक्षों के नीचे पूजा-पाठ का आयोजन हुआ। महिलाओं ने सावित्री व्रत कथा का पाठ किया और वटवृक्ष को कच्चे रक्षा सूत्र से लपेटा।

वट वृक्ष की पूजा को वट सावित्री की पूजा भी कहा जाता है। अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और दाम्पत्य जीवन की सुख-शांति के लिए यह व्रत किया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, सावित्री नामक पतिव्रता स्त्री ने अपने पति सत्यवान के अल्पायु होने की जानकारी होने पर भी उनसे विवाह किया।लेकिन जा यमराज सत्यवान प्राण लेने को पहुंचे तो सावित्री ने अपने तप,विवेक और दृढ़ इच्छा शक्ति से यमराज को विवश कर अपने पति के प्राण लेने नहीं दी।वटवृक्ष की जड़ें, शाखाएं और पत्तियां त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश का स्वरूप मानी जाती हैं। इसी कारण व्रती महिलाएं इसकी पूजा करती हैं और व्रत के नियमों का पालन करते हुए इसका पूजन करती हैं।


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