News Saga Desk
रामगढ़। झारखंड के इतिहास में अपने बलिदान और संघर्ष के लिए अमर हुए शहीद सोबरन सोरेन की 68वीं पुण्यतिथि पर आज पूरा राज्य उन्हें याद कर रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रामगढ़ के लुकैयाटांड़, नेमरा, गोला स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। यह श्रद्धांजलि केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता और अस्तित्व के लिए प्राण न्योछावर करने वाले महानायक के प्रति राज्य की गहरी कृतज्ञता का प्रतीक रही।
सीएम सोरेन ने कहा कि शहीद सोबरन सोरेन का संघर्ष झारखंड की नींव का महत्वपूर्ण अध्याय है, जो आज भी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। उनके बलिदान ने राज्य को संघर्ष, पहचान और अधिकार की राह दिखाई।
झारखंड के विकास पर बोले मुख्यमंत्री
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार आने वाले 50 वर्षों के विकास के लिए रोडमैप तैयार कर रही है, ताकि झारखंड आत्मनिर्भर और मजबूत भविष्य की ओर बढ़ सके।
उन्होंने स्पष्ट कहा—
“हमें दिल्ली जैसा राज्य नहीं बनना है। हम अपने समाज, संसाधन और संस्कृति के अनुरूप झारखंड का मजबूत मॉडल खड़ा करेंगे।”
आज का यह दिन राज्यवासियों को शहीद के मूल्यों और त्याग को याद कर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
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