News Saga Desk
रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। झारखंड राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य राकेश सिन्हा ने वर्तमान मंदिर कमेटी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राकेश सिन्हा का आरोप है कि मंदिर प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए करोड़ों रुपये के स्क्रैप और लोहे की अवैध बिक्री की। उन्होंने कहा कि यह बिक्री बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के रात के अंधेरे में कराई गई। साथ ही ट्रस्ट के खाते से फर्जी ट्रांजेक्शन किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
न्यास बोर्ड के अनुसार, मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता पूरी तरह खत्म हो चुकी है और मंदिर को “भ्रष्टाचार का अड्डा” बना दिया गया है। मामले को लेकर धार्मिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
इसी बीच 4 मई को नई कमेटी के पदभार ग्रहण करने की तैयारी है। इसे लेकर मंदिर परिसर में विवाद और हंगामे की आशंका जताई जा रही है। झारखंड राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड ने साफ कहा है कि यदि नई कमेटी को प्रभार सौंपने में किसी तरह की बाधा आती है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक जांच या प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
No Comment! Be the first one.