भेदभाव और भ्रष्टाचार ने यूपी को किया बीमारू: CM योगी

News Saga Desk

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब चयन प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर भेदभाव और भ्रष्टाचार व्याप्त था, जिसके कारण उत्तर प्रदेश को “बीमारू राज्य” की श्रेणी में गिना जाने लगा था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की कमी थी और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होता था। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने का काम किया है। अब चयन प्रक्रिया में तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर काफी हद तक रोक लगी है। योगी आदित्यनाथ ने यह भी दावा किया कि राज्य में कानून व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ निवेश का माहौल भी मजबूत हुआ है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता युवाओं को निष्पक्ष अवसर देना है, ताकि उनकी प्रतिभा के आधार पर उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश अब तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और “बीमारू” की छवि से बाहर निकल चुका है। उनके अनुसार, सरकार की पारदर्शी नीतियों और सख्त प्रशासनिक रवैये ने राज्य की स्थिति को बदलने में अहम भूमिका निभाई है। इस बयान के जरिए मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दिया कि उनकी सरकार सुशासन और ईमानदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। वर्ष 2017 के बाद नियुक्तियों और विकास कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कार्य करने की इच्छा शक्ति और सरकार की स्पष्ट नीति और साफ नियति होनी चाहिए तो परिणाम भी आता है।  आज इस दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम है कि हमने अब तक 9 लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है।  अकेले अधीनस्थ चयन आयोग इस वर्ष 32000 नियुक्ति की प्रक्रिया को संपन्न करेगा और शिक्षा चयन आयोग भी हजारों शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया पूरी करेगा। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग लगभग 15000 भर्ती करनी है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड वर्तमान में सब इंस्पेक्टर और होमगार्ड की भर्ती की परीक्षा संपन्न हो चुकी है, अगर इन दोनों को मिलाकर देखेंगे तो लगभग 45000 हैं और लगभग इतनी ही और भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है एक वर्ष के अंदर यानी 26-27 के अंदर यूपी के अंदर डेढ़ लाख भर्तियां होंगी।

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