मुनीडीह कोलवाशरी हादसा: मुआवजा और नौकरी पर बनी सहमति

News Saga Desk

धनबाद जिले के मुनीडीह क्षेत्र स्थित बीसीसीएल की कोलवाशरी में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया।यह हादसा उस समय हुआ जब मजदूर स्लरी लोडिंग का काम कर रहे थे।अचानक भारी मात्रा में स्लरी भरभराकर गिर गई और कई मजदूर उसकी चपेट में आ गए।बताया जा रहा है कि स्लरी डंप की ऊंचाई करीब 40 फीट थी।मजदूरों को इसी के नीचे ट्रक लोडिंग के लिए भेजा गया था, इसी दौरान यह भयावह दुर्घटना हुई। हादसे में कुल 6 मजदूर दब गए थे,इनमें से चार मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान माणिक बाउरी, दिनेश बाउरी, दीपक बाउरी और हेमलाल गोप के रूप में हुई।
दो अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जैसे ही हादसे की खबर फैली, परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।गुस्साए लोगों ने कोलवाशरी गेट के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।लोगों ने आरोप लगाया कि मजदूरों को असुरक्षित परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। बीसीसीएल प्रबंधन, यूनियन प्रतिनिधि और परिजनों के बीच बातचीत शुरू हुई। यह वार्ता देर रात तक चलती रही।आखिरकार कई घंटों की चर्चा के बाद सहमति बन पाई की मृतकों आश्रितों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने पर भी सहमति बनी। यह नौकरी आउटसोर्सिंग कंपनी में दी जाएगी, मृतकों के बच्चों को डीएवी स्कूल में पढ़ाने की व्यवस्था भी की जाएगी।

अंतिम संस्कार के लिए 75-75 हजार रुपये अलग से देने की बात तय हुई, इस समझौते के बाद परिजनों का आक्रोश कुछ हद तक शांत हुआ। मजदूर संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है, उन्होंने कहा कि मजदूरों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल गांवों में मातम पसरा हुआ है। लोगों का कहना है कि मुआवजा उनकी पीड़ा को कम नहीं कर सकता हैं, लेकिन सरकार और प्रबंधन को कम से कम जिम्मेदारी निभानी चाहिए। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, देखना होगा कि दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि सिस्टम की बड़ी विफलता को उजागर करता है।अगर समय रहते सुरक्षा पर ध्यान दिया जाता,तो शायद चार मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी। सरकार, प्रशासन और कंपनी के लिए यह एक बड़ा सबक है।आने वाले समय में अगर सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू नहीं किया गया,तो ऐसे हादसे फिर हो सकते हैं। फिलहाल मुनीडीह कोलवाशरी हादसा पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना लोग ने न्याय और जवाबदेही की मांग मंगी हैं।

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