News Saga Desk
तिजोरी बना कॉलेज का कमरा: बंद पड़े स्टोररूम से मिले दो सूटकेस, नोटों की गड्डियों को चट कर गईं दीमकें
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के कॉलेज परिसर में कोलकाता नगर निगम (KMC) द्वारा चलाए जा रहे डेंगू-रोधी सफाई अभियान के दौरान कर्मचारियों को एक बंद स्टोररूम (यूनियन रूम) मिला। काफी तलाश के बाद भी जब कमरे की चाबी नहीं मिली, तो कॉलेज प्रबंधन की अनुमति से ताला तोड़ा गया। कमरे के अंदर रखे दो सूटकेस को खोलने पर वहां मौजूद सभी लोगों के होश उड़ गए, क्योंकि उनमें 100 और 500 रुपये के नोटों के भारी-भरकम बंडल भरे हुए थे।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के सुरेंद्रनाथ कॉलेज में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कॉलेज परिसर में सफाई अभियान के दौरान एक बंद स्टोररूम से दो सूटकेस बरामद हुए, जिनमें बड़ी मात्रा में नकदी भरी हुई थी। हालांकि लंबे समय तक बंद रहने और नमी के कारण अधिकांश नोट दीमकों से खराब हो चुके थे।
जानकारी के अनुसार, कोलकाता नगर निगम (KMC) के डेंगू-रोधी अभियान के तहत कॉलेज परिसर में सफाई का काम चल रहा था। इसी दौरान कर्मचारियों को एक बंद स्टोररूम मिला। काफी तलाश के बाद भी चाबी नहीं मिलने पर ताला तोड़ा गया। अंदर रखे दो सूटकेस खोलने पर उनमें 100 और 500 रुपये के नोटों के बंडल मिले। पुलिस के मुताबिक अधिकांश नोट खराब हो चुके हैं, जबकि कुछ 500 रुपये के नोट नोटबंदी के बाद जारी नई श्रृंखला के हैं।
बंद कमरों में मिला पूरा बेडरूम
नकदी मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने परिसर की नई इमारत में मौजूद दो अन्य बंद कमरों के भी ताले तुड़वाए। इन कमरों में अटैच्ड वॉशरूम, बिस्तर, अलमारी, मेज और कुर्सियां मिलीं। इससे यह सवाल खड़ा हो गया कि पढ़ाई के लिए बनाई गई इमारत में इन कमरों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
दिन की पाली के टीचर-इन-चार्ज पूर्णेंदु प्रकाश पाल ने बताया कि क्लासरूम की कमी को दूर करने के लिए यह इमारत बनाई गई थी, लेकिन कुछ कमरों को रहने योग्य बेडरूम में बदल दिया गया था।
हथियार भी बरामद
कॉलेज प्रशासन की शिकायत के बाद मुचीपारा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान कॉलेज यूनियन रूम से एक हथियार भी बरामद किया गया। पुलिस ने नकदी और हथियार को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू
घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। बीजेपी कार्यकर्ताओं और कॉलेज के कुछ कर्मचारियों ने कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के सदस्य और तृणमूल कांग्रेस नेता देबाशीष बनर्जी पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कॉलेज के संचालन पर उनका प्रभाव था।
हालांकि देबाशीष बनर्जी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें बरामद नकदी के बारे में कोई जानकारी नहीं है और उनकी छवि खराब करने के लिए यह मुद्दा उछाला जा रहा है।
वहीं बीजेपी विधायक सजल घोष ने कॉलेज फेस्ट के नाम पर कथित चंदा वसूली और वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नकदी किसकी है और इतने वर्षों तक कॉलेज परिसर में कैसे छिपी रही।
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