शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की 60 रथयात्रा समितियों को 5-5 लाख रुपये की सहायता और श्रावण मेले में श्रद्धालुओं के लिए विशेष सेवा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को राज्य की 60 रथयात्रा समितियों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष रथयात्रा उत्सव को अधिक भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर सहयोग किया जाएगा। साथ ही श्रावण मास में जलयात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यह पहल राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण तथा धार्मिक आयोजनों को बेहतर ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों की भूमिका ऐसे आयोजनों में सीमित रही, जबकि वर्तमान प्रयासों का उद्देश्य धार्मिक विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ना है।

रथयात्रा समितियों को मिलेगी आर्थिक सहायता
उन्होंने बताया कि राज्य की 60 रथयात्रा समितियों को 5-5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। उनका कहना था कि इस सहयोग से आयोजन समितियों को बेहतर व्यवस्थाएं करने में मदद मिलेगी और श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
श्रावण मेले में सेवा केंद्र होंगे स्थापित
श्रावण मास के दौरान जलयात्रियों की सुविधा के लिए शेवड़ाफुली से तारकेश्वर धाम तक प्रत्येक पांच किलोमीटर पर सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

तारकेश्वर धाम के विकास पर 15 करोड़ रुपये
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि तारकेश्वर धाम के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 15 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और श्रद्धालुओं को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
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उन्होंने यह भी बताया कि जलपाईगुड़ी स्थित जाल्पेश मंदिर, भूटान सीमा के निकट जयंती क्षेत्र का प्रमुख मंदिर और तारकेश्वर धाम को प्रमुख सेवा केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी।
धार्मिक विरासत और विकास पर जोर
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रमुख धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
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