बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर की पहली चुनावी परीक्षा

NEWS SAGA DESK

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने पहली बार नामांकन दाखिल किया। बीजेपी, महागठबंधन और जन सुराज के बीच मुकाबला दिलचस्प, मतदान 30 जुलाई और नतीजे 3 अगस्त को आएंगे।

बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर की पहली चुनावी परीक्षा

पटना: बिहार की राजनीति इन दिनों बांकीपुर उपचुनाव को लेकर पूरी तरह गर्म है। यह सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), महागठबंधन और जन सुराज के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। सबसे अधिक चर्चा जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की है, जिन्होंने पहली बार किसी चुनाव में उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरकर इस मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम आने वाले समय में बिहार की राजनीति की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।

बांकीपुर उपचुनाव

पहली बार चुनावी मैदान में उतरे प्रशांत किशोर

बांकीपुर उपचुनाव की सबसे बड़ी खबर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर का नामांकन है। लंबे समय तक देश के चर्चित चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर अब पहली बार खुद चुनाव लड़ रहे हैं। नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक उनके साथ मौजूद रहे और “लड़ेंगे बांकीपुर, जीतेंगे बांकीपुर” के नारे लगाए गए।

जन सुराज का दावा है कि उन्हें जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। हालांकि इस दावे की असली परीक्षा 30 जुलाई को होने वाले मतदान और 3 अगस्त को आने वाले चुनाव परिणाम में होगी।

वीणा मानवी की गिरफ्तारी से बढ़ा सियासी तापमान

बांकीपुर उपचुनाव के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी को नामांकन दाखिल करने के कुछ समय बाद ही पुलिस ने धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी न्यायालय से जारी वारंट के आधार पर की गई है। वहीं वीणा मानवी ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव लड़ने से रोकने की कोशिश की जा रही है। इस घटना ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है।

बांकीपुर उपचुनाव

बीजेपी की परंपरागत सीट पर प्रतिष्ठा की लड़ाई

पटना शहर की वीआईपी मानी जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट पिछले नौ विधानसभा चुनावों से लगातार बीजेपी के कब्जे में रही है। हाल ही में पांच बार के विधायक नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई, जिसके कारण उपचुनाव कराया जा रहा है।

पहले बीजेपी ने अभिषेक कुमार बंटी को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देकर चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार घोषित किया। पार्टी के सामने अपनी मजबूत सीट बचाने की चुनौती है।

महागठबंधन ने रेखा गुप्ता पर जताया भरोसा

महागठबंधन के भीतर उम्मीदवार को लेकर शुरुआती असमंजस जरूर देखने को मिला, लेकिन बाद में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया। कांग्रेस ने अलग प्रत्याशी उतारने के बजाय महागठबंधन की एकजुटता बनाए रखते हुए आरजेडी उम्मीदवार का समर्थन करने का फैसला किया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि विपक्ष एकजुट मतदान कराने में सफल रहता है तो मुकाबला काफी दिलचस्प हो सकता है।

पृष्ठभूमि: क्यों खास है बांकीपुर उपचुनाव?

बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से बीजेपी का गढ़ मानी जाती है। नितिन नवीन से पहले उनके पिता भी लगातार चार बार इस सीट से विधायक रहे थे। यानी करीब तीन दशकों से यहां बीजेपी का मजबूत जनाधार बना हुआ है।

दूसरी ओर, प्रशांत किशोर के लिए यह चुनाव केवल एक सीट जीतने का प्रयास नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता साबित करने का अवसर भी है। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में जन सुराज राज्यभर में कोई सीट नहीं जीत सकी थी और उस समय प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव नहीं लड़े थे।

आधिकारिक जानकारी और चुनाव कार्यक्रम

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार बांकीपुर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। सभी प्रमुख दलों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है और आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

इसे भी देखें...अतिक्रमण हटाओ अभियान में टूटे कई घर, एक साथ छिन गया घर और रोजगार का साधन | Ranchi Nagar Nigam

चुनाव का असर बिहार की राजनीति पर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम केवल एक विधायक चुनने तक सीमित नहीं रहेगा। यदि बीजेपी सीट बचाने में सफल रहती है तो यह उसके लिए बड़ी राजनीतिक बढ़त होगी। वहीं महागठबंधन की जीत विपक्ष को नई ऊर्जा दे सकती है। दूसरी ओर यदि प्रशांत किशोर अच्छा प्रदर्शन करते हैं या जीत दर्ज करते हैं तो बिहार की राजनीति में जन सुराज एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर सकती है।

यही वजह है कि इस उपचुनाव पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं और 30 जुलाई की वोटिंग के साथ 3 अगस्त के नतीजों का सभी को बेसब्री से इंतजार है।

Read More News

पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया का बढ़ता प्रकोप: 6 मौतें, 1.04 लाख से अधिक लोगों की जांच, लापरवाही पर कार्रवाई

पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिले में...

तुरामडीह यूरेनियम परियोजना प्रभावितों ने आंदोलन की दी चेतावनी, मांगों के समाधान के लिए बनी कोर कमेटी

पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा स्थित तुरामडीह यूरेनियम परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों ने अपनी...

झारखंड मौसम अपडेट: 17 जुलाई तक बारिश, वज्रपात और तेज हवा का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। राजधानी रांची समेत राज्य के...

Read More