नदीमुल हक से जुड़े सात ठिकानों पर ED की छापेमारी हुई। कोलकाता, दिल्ली और रांची में कार्रवाई के दौरान अखबार-ए-मशरिक से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच हुई।
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक से जुड़े परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार सुबह एक साथ छापेमारी की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, एजेंसी ने कोलकाता, दिल्ली और रांची में कुल सात ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई सुबह करीब 6 बजे शुरू होने की जानकारी सामने आई है। जांच के दायरे में सांसद से जुड़े आवास और कार्यालयों के अलावा उर्दू दैनिक अखबार-ए-मशरिक से संबंधित परिसरों को भी शामिल किया गया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ED की कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच से जुड़ी है। एजेंसी कथित तौर पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अखबार से जुड़े लेन-देन, फंडिंग और अन्य वित्तीय गतिविधियों में कोई अनियमितता हुई है या नहीं। जांच अभी जारी है और तलाशी के दौरान दस्तावेजों तथा वित्तीय रिकॉर्ड की जांच किए जाने की बात सामने आई है।
ED नदीमुल हक का पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र से भी संबंध रहा है। उनके चुनावी हलफनामे की उपलब्ध जानकारी के अनुसार वे Akhbar-e-Mashriq Pvt Ltd के निदेशक के रूप में दर्ज हैं। वहीं, प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के रिकॉर्ड में भी ‘AKHBAR E MASHRIQ’ को उर्दू दैनिक के रूप में दर्ज किया गया है और इसके प्रकाशक के तौर पर Akhbar-e-Mashriq Pvt Ltd का नाम कई संस्करणों के साथ मौजूद है।
अखबार की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, अखबार-ए-मशरिक की शुरुआत 1980 में हुई थी। वेबसाइट पर इसके कोलकाता स्थित कार्यालय का पता 12, दरगाह रोड दिया गया है। अखबार अपनी वेबसाइट पर दिल्ली, झारखंड और देश के अन्य हिस्सों में अपनी मौजूदगी का भी उल्लेख करता है।
सात जगहों पर तलाशी से बढ़ी हलचल
इस कार्रवाई का दायरा केवल कोलकाता तक सीमित नहीं रहा। रिपोर्टों के अनुसार, ED की टीमें दिल्ली और रांची में भी संबंधित परिसरों तक पहुंचीं। दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस के साउथ एवेन्यू स्थित कार्यालय में ED अधिकारियों के पहुंचने की भी खबर सामने आई है। कोलकाता में पार्क सर्कस इलाके में स्थित अखबार से जुड़े कार्यालय पर भी तलाशी की खबर है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया और कार्यालय में आवाजाही प्रतिबंधित रही।
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फिलहाल ED की ओर से तलाशी अभियान को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। इसलिए जांच का अंतिम निष्कर्ष या बरामदगी को लेकर किसी निश्चित दावे से बचना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। इसी तरह, नदीमुल हक या तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस कार्रवाई पर विस्तृत प्रतिक्रिया की पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से फिलहाल नहीं हुई है। जांच आगे बढ़ने के साथ आधिकारिक पक्ष सामने आने की संभावना है।
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