झारखंड में कैथ-लैब का उद्घाटन, स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा

NEWS SAGA DESK

झारखंड में कैथ-लैब का उद्घाटन हुआ। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने NSMCH में सुविधा शुरू की और आधुनिक हृदय चिकित्सा सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया।

झारखंड में कैथ-लैब का उद्घाटन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज सरायकेला-खरसावाँ स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NSMCH) में नवस्थापित कैथ-लैब का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने राज्य में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को दूसरे राज्यों का रुख कम करना पड़ेगा।

संतोष कुमार गंगवार

राज्यपाल ने कहा कि झारखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र में अभी व्यापक स्तर पर काम करने की आवश्यकता है। खासकर अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को राज्य के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके। झारखंड में कैथ-लैब का उद्घाटन इसी दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।

NSMCH में अत्याधुनिक सुविधा की शुरुआत

नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में स्थापित कैथ-लैब के शुरू होने से क्षेत्र में हृदय संबंधी बीमारियों के इलाज की सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। कैथ-लैब आधुनिक हृदय चिकित्सा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां हृदय से जुड़ी कई गंभीर स्थितियों की जांच और उपचार में सहायता मिलती है।

राज्यपाल ने कैथ-लैब की स्थापना के लिए NSMCH प्रबंधन और चिकित्सकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सुविधा आसपास के लोगों को बेहतर हृदय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

संतोष कुमार गंगवार

झारखंड में कैथ-लैब का उद्घाटन ऐसे समय में हुआ है, जब राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को स्थानीय स्तर पर मजबूत करने की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है। नई चिकित्सा सुविधाओं के विकास से मरीजों को अपने ही राज्य में उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिल सकती है।

राज्यपाल ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर दिया जोर

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल सरकारी संस्थानों की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें निजी चिकित्सा संस्थानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों को मिलकर आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास की दिशा में काम करना चाहिए।

उन्होंने आधुनिक चिकित्सा तकनीक और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं को विकसित करने के साथ-साथ मरीजों के प्रति संवेदनशील और मानवीय व्यवहार पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उनके अनुसार, अस्पताल में इलाज की आधुनिक व्यवस्था के साथ मरीजों और उनके परिजनों के साथ मानवीय व्यवहार भी स्वास्थ्य सेवा का अहम हिस्सा है।

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