समस्तीपुर और पटना में छात्राओं से शराब बरामद होने के बाद तस्करी के नए तरीके पर सवाल उठे हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
बिहार में शराबबंदी के बीच Bihar Liquor Smuggling का तरीका लगातार बदलता नजर आ रहा है। हाल के दिनों में समस्तीपुर और पटना में दो युवतियों को शराब की खेप के साथ पकड़े जाने के बाद तस्करी के बदलते पैटर्न पर सवाल उठने लगे हैं। समस्तीपुर में एसी फर्स्ट क्लास से शराब ले जा रही एक युवती को उसके रिश्तेदार के साथ पकड़ा गया, जबकि पटना जंक्शन के पास प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा शराब से भरे बैग के साथ गिरफ्तार हुई।

इन घटनाओं ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि क्या महिलाएं खुद इस नेटवर्क का हिस्सा हैं या बड़े तस्कर गिरोह उन्हें सिर्फ कैरियर के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।
समस्तीपुर में एसी फर्स्ट क्लास से 75 लीटर शराब बरामद
हाल में गुप्त सूचना के आधार पर समस्तीपुर स्टेशन पर आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास में कार्रवाई की। तलाशी के दौरान एक कूपे से करीब 75 लीटर ब्रांडेड विदेशी शराब बरामद होने का दावा किया गया।
मामले में समस्तीपुर के सिंघिया थाना क्षेत्र की रहने वाली नेहा झा और उसके जीजा ईशान कुमार को हिरासत में लिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नेहा के पिता और बड़ी बहन भी पहले शराब तस्करी के आरोप में जेल जा चुके हैं। हालांकि, किसी आरोपी की भूमिका और दोष का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
यह घटना Bihar Liquor Smuggling के उस पहलू को सामने लाती है, जिसमें तस्कर सार्वजनिक परिवहन और अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले यात्रा साधनों का इस्तेमाल करते हैं।
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पटना जंक्शन के पास छात्रा शराब के साथ गिरफ्तार
समस्तीपुर की घटना के बाद पटना में भी इसी तरह का मामला सामने आया। कोतवाली थाना क्षेत्र में पटना जंक्शन के पास पुलिस ने दानापुर की रहने वाली रिया नाम की युवती को शराब के साथ पकड़ा।
पुलिस के मुताबिक, उसके हैंडबैग और शोल्डर बैग से करीब 14 हजार रुपये मूल्य की अंग्रेजी शराब बरामद हुई। बताया गया कि वह उत्तर प्रदेश से ट्रेन के जरिए शराब लेकर पटना पहुंची थी।
पूछताछ में युवती ने कथित तौर पर बताया कि बनारस से पटना शराब पहुंचाने के बदले उसे 2,000 रुपये देने का झांसा दिया गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खेप किसके लिए लाई गई थी और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
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