झारखंड में जल जीवन मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली 8 जल सहियाओं को सम्मानित किया गया। बोकारो की 5 और रांची की 3 जल सहिया शामिल रहीं।
News Saga Desk
झारखंड में ग्रामीण क्षेत्रों तक नियमित और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की दिशा में बेहतर काम करने वाली 8 जल सहियाओं को विशेष सम्मान दिया गया। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से 9 सितंबर 2026 को नेपाल हाउस में आयोजित कार्यक्रम में इन जल सहियाओं को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबु इमरान ने जल सहियाओं के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया।
सम्मान पाने वाली जल सहियाओं में बोकारो जिले की पांच और रांची जिले की तीन जल सहिया शामिल हैं। विभाग के अनुसार, इन महिलाओं ने अपने-अपने गांव और पंचायतों में जल जीवन मिशन की योजनाओं के संचालन और रख-रखाव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जलापूर्ति योजनाओं के संचालन में निभाई अहम भूमिका
जल सहिया ग्रामीण स्तर पर जल जीवन मिशन की योजनाओं और समुदाय के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रही हैं। सम्मानित जल सहियाओं ने जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) के साथ सक्रिय समन्वय करते हुए गांवों में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान दिया।
उन्होंने जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर संबंधित विभाग तक सूचना पहुंचाने, पानी की गुणवत्ता को लेकर जागरूकता फैलाने और जल संरक्षण के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने का काम किया। इसके साथ ही ग्रामीण परिवारों को पानी के सुरक्षित और विवेकपूर्ण इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी दी गई।
पानी के शुल्क को लेकर भी ग्रामीणों को किया जागरूक
जल जीवन मिशन के तहत केवल घरों तक नल से पानी पहुंचाना ही उद्देश्य नहीं है। योजनाओं को लंबे समय तक सुचारू रूप से चलाने के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। इसी कड़ी में जल सहियाएं ग्रामीण परिवारों को मासिक जल शुल्क के महत्व के बारे में जागरूक कर रही हैं।
विभाग के मुताबिक, जल शुल्क के रूप में एकत्र राशि का इस्तेमाल गांव की पेयजल योजनाओं के संचालन और रख-रखाव में किया जाता है। इससे प्लंबर और पंप ऑपरेटरों के मासिक भुगतान, आवश्यक मरम्मत और जलापूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने में मदद मिलती है।
जल संरक्षण और सुरक्षित पानी पर जोर
सम्मानित जल सहियाओं ने अपने कार्यक्षेत्र में ग्रामीणों को जल संरक्षण के साथ-साथ सुरक्षित पेयजल के प्रति भी जागरूक किया। जलापूर्ति व्यवस्था में आने वाली छोटी-बड़ी समस्याओं की समय पर पहचान और सूचना देने से योजनाओं के संचालन को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
विभाग का कहना है कि जल जीवन मिशन का लक्ष्य सिर्फ ग्रामीण परिवारों को नल से पानी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि नियमित, पर्याप्त, सुरक्षित और दीर्घकालिक जल सेवा सुनिश्चित करना है। इसके लिए गांवों में सामुदायिक भागीदारी और योजनाओं के स्थानीय स्तर पर बेहतर रख-रखाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अन्य जल सहियाओं को भी मिलेगी प्रेरणा
कार्यक्रम के दौरान सचिव अबु इमरान ने सम्मानित जल सहियाओं के कार्यों की प्रशंसा की और राज्य की अन्य जल सहियाओं को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जल सहिया दीदियों ने अपने अनुभव भी साझा किए।
विभाग के अनुसार, यह सम्मान जल जीवन मिशन के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में जल सहियाओं की भूमिका और योगदान को पहचानने की महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल अन्य जल सहियाओं को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि ग्रामीण समुदायों को भी जलापूर्ति योजनाओं के सतत संचालन और पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जागरूक होने की प्रेरणा मिलेगी।
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