बीआईटी सिंदरी के पूर्व छात्र और CSIR-CIMFR धनबाद के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मुरारी प्रसाद रॉय को खनन एवं अनुसंधान में उत्कृष्ट योगदान के लिए दो राष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा गया है। पढ़ें पूरी खबर।
धनबाद, 29 सितंबर 2026 — झारखंड के प्रतिष्ठित अभियांत्रिकी संस्थान बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) सिंदरी के पूर्व छात्र और देश के जाने-माने वैज्ञानिक डॉ. मुरारी प्रसाद रॉय ने एक बार फिर संस्थान का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। खनन अनुसंधान और वैज्ञानिक नवाचार के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए उन्हें दो अत्यंत प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों से विभूषित किया गया है।

डॉ. मुरारी प्रसाद रॉय वर्तमान में वैज्ञानिक ‘G’ (चीफ साइंटिस्ट) तथा प्रमुख, Research Planning & Business Development (RPBD) के पद पर CSIR-केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (CSIR-CIMFR), धनबाद में कार्यरत हैं।
शिक्षा और तकनीकी सफर
डॉ. रॉय की प्रारंभिक तकनीकी शिक्षा BIT सिंदरी से शुरू हुई, जहाँ उन्होंने शैक्षणिक सत्र 1992–1996 के दौरान खनन अभियांत्रिकी (Mining Engineering) में B.Tech. की डिग्री हासिल की। सिंदरी में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT ISM), धनबाद से उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए M.Tech. और Ph.D. की उपाधियाँ अर्जित कीं।

वर्षों के शोध और तकनीकी नवाचार के बल पर उन्होंने भारतीय खनन उद्योग में रॉक ब्लास्टिंग, सुरक्षा मानकों और टिकाऊ खनन पद्धतियों (Sustainable Mining) के क्षेत्र में विशेष पहचान बनाई है। CSIR-CIMFR धनबाद में अपने वर्तमान पद पर रहते हुए वे रणनीतिक योजना, अनुसंधान समन्वय और औद्योगिक सहयोग का नेतृत्व कर रहे हैं।
दो प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मान
सितंबर 2026 में आयोजित अलग-अलग भव्य समारोहों में डॉ. रॉय को इन सम्मानों से नवाजा गया:
- प्रथम प्रो. अजय के. घोष मेमोरियल अवॉर्ड (Prof. Ajoy K. Ghose Memorial Award): डॉ. रॉय को 5th IConSSMT 2026 (स्मार्ट एंड सस्टेनेबल माइंनिंग टेक्नोलॉजीज पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन) एवं MiningEXPO के अवसर पर इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह आयोजन IME Journal द्वारा टाटा स्टील, जोड़ा (Tata Steel, Joda) की 65 वर्षों की सफल एवं ऐतिहासिक यात्रा के उपलक्ष्य में 19–20 सितंबर 2026 को आयोजित किया गया था। डॉ. रॉय इस स्मृति पुरस्कार को प्राप्त करने वाले देश के पहले वैज्ञानिक बने हैं।
- एमजीएमआई एक्सीलेंस अवॉर्ड (MGMI Award of Excellence 2025–26): इसके अतिरिक्त, उन्हें गैर-कोयला खनन (Mining other than Coal) के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए MGMI Award of Excellence for Outstanding Contribution in Mining other than Coal – 2025–26 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 27 सितंबर 2026 को कोलकाता स्थित ताज सिटी सेंटर (Taj City Centre, Kolkata) में आयोजित माइंनिंग, जियोलॉजिकल एंड मेटालर्जिकल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (MGMI) की वार्षिक आम बैठक (AGM) के दौरान प्रदान किया गया।
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