सदर अस्पताल में सबडर्मल इम्प्लांट सेवा शुरू, 3 साल तक गर्भनिरोध की सुविधा

NEWS SAGA DESK

सदर अस्पताल धनबाद में महिलाओं के लिए 3 साल तक असरदार सबडर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट सेवा शुरू हुई। सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा की मौजूदगी में पहले दिन 10 लाभार्थियों ने उठाया लाभ। पूरी खबर पढ़ें।

धनबाद, 29 सितंबर 2026 — स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जिला स्तर पर परिवार नियोजन सेवाओं को अधिक सुदृढ़, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मंगलवार को सदर अस्पताल में महिलाओं के लिए आधुनिक एवं दीर्घकालिक गर्भनिरोधक विकल्प ‘सबडर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट’ (Subdermal Contraceptive Implant) सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया गया। सेवा के उद्घाटन के पहले ही दिन कुल 10 महिला लाभार्थियों को यह इम्प्लांट सफलतापूर्वक लगाया गया।

सबडर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट

यह नई सेवा जिला सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा के नेतृत्व और मार्गदर्शन में शुरू की गई है, जिससे जिले की महिलाओं को अनचाहे गर्भ से सुरक्षा और दो बच्चों के बीच अंतर रखने का एक सुरक्षित माध्यम मिलेगा।

3 वर्षों तक प्रभावी और सुविधाजनक तकनीक

सबडर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट तकनीक के फायदे और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने बताया कि यह महिलाओं के लिए एक अत्यंत प्रभावी, सुरक्षित और दीर्घकालिक गर्भनिरोधक विधि है।

  • कार्यप्रणाली एवं अवधि: यह इम्प्लांट एक छोटी माचिस की तीली के आकार की लचीली छड़ (रॉड) होती है, जिसे लाभार्थी महिला के बाएं हाथ की ऊपरी भुजा की त्वचा के ठीक नीचे (सबडर्मल) एक मामूली प्रक्रिया द्वारा स्थापित किया जाता है।
  • प्रभावशीलता: एक बार इम्प्लांट लग जाने के बाद यह लगातार 3 वर्षों तक महिलाओं को सुरक्षित गर्भनिरोधक सुरक्षा प्रदान करता है।
  • उपलब्धता: जिले में परिवार नियोजन के दायरे को बढ़ाने के लिए यह सेवा सदर अस्पताल के साथ-साथ शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) में भी उपलब्ध कराई जा रही है।
सबडर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट

दो दिवसीय प्रशिक्षण में 12 चिकित्सा पदाधिकारी हुए प्रशिक्षित

इस नई सेवा के सुचारु संचालन, सुरक्षा मानकों के पालन और स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता वृद्धि के उद्देश्य से सदर अस्पताल परिसर में 28 और 29 सितंबर 2026 को दो दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर डॉ. रेखा कुमारी एवं डॉ. संध्या कुमारी ने प्रतिभागियों को सबडर्मल इम्प्लांट लगाने और निकालने से संबंधित तकनीकी, सैद्धांतिक (Theoretical) और व्यावहारिक (Practical) पक्षों का बारीकी से अभ्यास कराया। इस कार्यशाला में सदर अस्पताल के कुल 12 चिकित्सा पदाधिकारियों (डॉक्टरों) ने सफलता पूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

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