देवघर के नगर थाना क्षेत्र में स्थित एक कथित अवैध नेल पॉलिश फैक्ट्री में गुरुवार सुबह भीषण आग लग गई। केमिकल के कारण भड़की आग से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
झारखंड के प्रसिद्ध धार्मिक नगर देवघर से एक बेहद दर्दनाक और डराने वाली खबर सामने आई है। गुरुवार की तड़के नगर थाना क्षेत्र स्थित देवसंघ नवदुर्गा मंदिर के पीछे मौजूद एक कथित अवैध नेल पॉलिश निर्माण फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। सुबह करीब चार बजे हुए इस हादसे के दौरान फैक्ट्री परिसर में रखे अत्यधिक ज्वलनशील रासायनिक पदार्थों (केमिकल्स) ने मिनटों में ही आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग की ऊंची और भयावह लपटें आसमान को छूने लगीं, जिससे पूरे रिहायशी इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

सुबह चार बजे मची अफरा-तफरी, दहशत में रहे लोग स्थानीय निवासियों के अनुसार, जब पूरा इलाका नींद में सो रहा था, तभी अचानक फैक्ट्री की ओर से जोर-जोर से जलने की आवाजें और धुएं का गुबार उठने लगा। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ने पूरी इमारत को अपनी आगोश में ले लिया था। नेल पॉलिश बनाने में इस्तेमाल होने वाले थिनर और विभिन्न तरह के ज्वलनशील केमिकल्स के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के मकानों तक इसकी तपिश पहुंचने लगी। रिहायशी इलाका होने के कारण लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए और अनहोनी की आशंका से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
दमकल की 4 गाड़ियों ने 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग (Fire Brigade) को दी गई। हादसे की भयावहता को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने तत्काल कार्रवाई की और एक-एक करके चार दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा। अग्निशमन कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। हालांकि, अंदर रखे केमिकल्स बार-बार आग को भड़का रहे थे, जिसके कारण दमकलकर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। करीब चार से पांच घंटे की अटूट और कड़ी मशक्कत के बाद जाकर आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका। यदि अग्निशमन टीम समय रहते मुस्तैदी न दिखाती, तो आग पास के रिहायशी मकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी।
रिहायशी इलाके में अवैध फैक्ट्री के संचालन पर उठे गंभीर सवाल इस भयानक हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में यह नेल पॉलिश फैक्ट्री पूरी तरह से अवैध रूप से चलाई जा रही थी। बिना किसी सुरक्षा मानकों, फायर एनओसी (NOC) और जिला प्रशासन की अनुमति के इतने बड़े पैमाने पर खतरनाक केमिकल्स का भंडारण करना सीधे तौर पर आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी में ढिलाई के कारण ही इस प्रकार की अवैध गतिविधियां फल-फूल रही हैं। लोगों ने मांग की है कि रिहायशी क्षेत्रों से ऐसी सभी अवैध और खतरनाक इकाइयों को तुरंत हटाया जाए।
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