झारखंड में HPV वैक्सीनेशन से पहले होगा सर्वे, हेमंत सोरेन ने दिए निर्देश

झारखंड में सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने के लिए HPV वैक्सीनेशन की तैयारी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टीकाकरण से पहले राज्यव्यापी सर्वे और विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए।

News Saga Desk

झारखंड में बेटियों और महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, प्रस्तावित HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन शुरू करने से पहले सरकार बीमारी की वास्तविक स्थिति, टीके की प्रभावशीलता और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन करना चाहती है। इसके लिए पूरे राज्य में सर्वे कराया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग को सर्वे कराने और विशेषज्ञों की समिति गठित करने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि वैज्ञानिक अध्ययन और चिकित्सा विशेषज्ञों की राय के बाद ही टीकाकरण को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

HPV वैक्सीनेशन से पहले झारखंड में होगा राज्यव्यापी सर्वे

बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और प्रस्तावित HPV टीकाकरण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बेटियों और महिलाओं का स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता है। सर्वाइकल कैंसर एक गंभीर बीमारी है और इसकी रोकथाम के लिए सरकार गंभीरता से कदम उठाएगी।

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि झारखंड में प्रति एक लाख आबादी पर सर्वाइकल कैंसर के अनुमानित 13 मामले सामने आते हैं। इस बीमारी की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में सर्वे कराने का निर्देश दिया।

सर्वे के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि राज्य में कितनी महिलाएं और किशोरियां इस बीमारी से प्रभावित हैं। इसके अलावा मरीजों की उम्र, बीमारी की स्थिति और किस चरण में कैंसर का पता चल रहा है, इससे संबंधित आंकड़े भी जुटाए जाएंगे।

विशेषज्ञों की समिति तय करेगी HPV टीकाकरण की रूपरेखा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने HPV वैक्सीनेशन को लेकर जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेने का निर्देश दिया है। इसके लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जाएगी। समिति देश-विदेश के कैंसर विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से सलाह लेगी।

टीकाकरण के वैज्ञानिक, चिकित्सकीय और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद विशेषज्ञों की अनुशंसा के आधार पर सरकार आगे का निर्णय लेगी।

गौरतलब है कि HPV संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। HPV वैक्सीन इस संक्रमण से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में किशोरियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए टीकाकरण को एक महत्वपूर्ण रोकथाम उपाय माना जाता है।

सरकार का जोर केवल टीकाकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि बीमारी की समय पर पहचान और इलाज की व्यवस्था मजबूत करने पर भी है। मुख्यमंत्री ने जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्वाइकल कैंसर की जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

इसके तहत पैप स्मीयर टेस्ट और HPV DNA टेस्ट जैसी जांच सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है। इन जांचों की मदद से बीमारी के शुरुआती संकेतों और कैंसर के जोखिम की पहचान करने में सहायता मिल सकती है।

इसके साथ ही राज्य में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है, ताकि महिलाओं और किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर के लक्षण, बचाव, जांच और HPV वैक्सीनेशन से जुड़ी सही जानकारी मिल सके।

रिम्स में बनेंगे 10 नए विशेषज्ञ विभाग

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में रांची स्थित रिम्स की चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में मेडिकल शिक्षकों के 319 स्वीकृत पदों के पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा गया।

इसके तहत रिम्स में 7 सुपर स्पेशियलिटी और 3 ब्रॉड स्पेशियलिटी विभाग बनाने की योजना है। इसके अलावा 16 नए पदों के सृजन का प्रस्ताव भी दिया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि रिम्स में मरीजों को बेहतर इलाज और मेडिकल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में हजारीबाग, दुमका और पलामू मेडिकल कॉलेजों की स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ सही तरीके से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना के साथ समन्वय और सरकारी अस्पतालों में एम्बुलेंस सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जाएं। इसके लिए अस्पतालों में आधारभूत संरचना, विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

झारखंड में प्रस्तावित HPV वैक्सीनेशन को लेकर सरकार की यह पहल बेटियों और महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, टीकाकरण कब शुरू होगा, इस पर अंतिम निर्णय सर्वे और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही लिया जाएगा।

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