भागलपुर जिले के पांच प्रमुख पीएचसी को अपग्रेड कर सीएचसी बना दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ इलाज और 47 नए पदों के सृजन से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
भागलपुर जिले के दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा के ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जिले के पांच प्रमुख प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को अपग्रेड कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का दर्जा दे दिया है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले से अब ग्रामीण अंचल के लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों से लेकर जटिल सर्जरी और विशेषज्ञ इलाज के लिए भागलपुर जिला मुख्यालय या अन्य बड़े शहरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाएगी।
इन पांच प्रखंडों के लोगों को मिली बड़ी सौगात बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव नीरज कुमार द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद भागलपुर जिले के स्वास्थ्य महकमे में व्यापक बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस नई व्यवस्था के तहत जिले के जिन पांच प्रमुख प्रखंडों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को उत्क्रमित किया गया है, उनमें नारायणपुर, खरीक, रंगराचौक, इस्माइलपुर और जगदीशपुर शामिल हैं। ये सभी वे इलाके हैं जहां की बड़ी आबादी अब तक सीमित चिकित्सकीय संसाधनों के भरोसे जीवन बसर कर रही थी। खास तौर पर बाढ़ प्रभावित और दियारा क्षेत्रों से घिरे इस्माइलपुर, रंगराचौक और खरीक के मरीजों के लिए यह फैसला किसी जीवनदान से कम नहीं है, क्योंकि आपातकालीन स्थितियों में भागलपुर शहर तक पहुंचना इनके लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है।
सर्जन से लेकर शिशु रोग विशेषज्ञ तक, हर केंद्र पर सृजित हुए 47 नए पद महज अस्पताल का नाम बदलना ही काफी नहीं होता, बल्कि वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सबसे अहम होती है। सरकार ने इस आवश्यकता को समझते हुए प्रत्येक नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 24 अलग-अलग श्रेणियों के कुल 47 नए पदों का सृजन किया है। अब इन अस्पतालों में डिप्टी सुपरिटेंडेंट, जनरल सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेसिस्ट, शिशु रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन की सीधी तैनाती होगी।
चिकित्सकीय अमले के साथ-साथ पैरामेडिकल और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रत्येक केंद्र में 6 मेडिकल ऑफिसर, 12 जीएनएम, 4 सीनियर जीएनएम, 3 लेबोरेट्री टेक्निशियन, 2 सीनियर फार्मासिस्ट और 2 लोअर डिविजन क्लर्क के पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त असिस्टेंट सेनेटरी सुपरवाइजर, असिस्टेंट मेट्रन, ऑप्थैल्मिक असिस्टेंट, डेटा असिस्टेंट, फिजियोथेरेपिस्ट, काउंसलर, सहायक अस्पताल प्रबंधक, सीनियर लेबोरेट्री टेक्निशियन और अपर डिविजन क्लर्क जैसे महत्वपूर्ण पद भी शामिल हैं। इन पदों पर मानव बल की तैनाती से अस्पताल 24 घंटे सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगे।
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