झारखंड में मंत्री इरफान अंसारी के विवादित बयान के बाद बीजेपी ने गिरिडीह में राहुल गांधी का पुतला दहन किया। जानें पूरा मामला और नेताओं के बयान।
झारखंड की राजनीति में बयानों के तीर आए दिन सियासी तापमान बढ़ाते रहते हैं। ताजा मामला मंत्री इरफान अंसारी के एक कथित बयान से जुड़ा है, जिसके विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूरी तरह हमलावर हो गई है। इसी कड़ी में, गिरिडीह महानगर जिला भाजपा की ओर से शहर के प्रमुख गांधी चौक पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष नवीन कुमार सिन्हा ने की।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत मंत्री इरफान अंसारी के उस बयान से हुई जिसमें कथित तौर पर यह कहा गया था कि देश के 40 लाख युवा राहुल गांधी के एक इशारे का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही देश की स्थिति नेपाल और बांग्लादेश से भी बदतर होने और अराजकता फैलने जैसी आशंकाएं जताई गई थीं। इस बयान के सामने आने के बाद से ही बीजेपी हमलावर मुद्रा में है और इसे देश के युवाओं का अपमान तथा समाज में भ्रम फैलाने वाला करार दे रही है।
युवाओं के जरिए देश को भड़काने का लग रहा आरोप
पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान बीजेपी नेताओं ने कड़े शब्दों में इस बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी देश के युवाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का कुत्सित प्रयास है। भाजपा नेताओं का तर्क है कि आज देश का युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास, रोजगार, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश का युवा पूरी तरह जागरूक है और वह किसी के बहकावे में आने वाला नहीं है, बल्कि अपने विवेक और लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर आगे बढ़ रहा है।
नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों की आलोचना करने या विरोध जताने का अधिकार सबको है, लेकिन युवाओं के नाम पर अराजकता फैलाने की बात करना या देश की तुलना पड़ोसी देशों के संकट से करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। भारतीय जनता पार्टी ऐसे बयानों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और जनता के बीच इसका विरोध जारी रखेगी।
कार्यक्रम में शामिल रहे कई दिग्गज नेता
गांधी चौक पर आयोजित इस पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन के दौरान बीजेपी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष नवीन कुमार सिन्हा, हरमिंदर सिंह बग्गा, खिरोधर दास, प्रकाश सेठ, प्रोफेसर विनीता, दिनेश यादव, चुन्नू कांत, अजय पाठक, विपिन सिंह और सुरेंद्र लाल सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी ने एकजुट होकर पार्टी के रुख को स्पष्ट किया और राज्य सरकार के मंत्रियों द्वारा दिए जा रहे बयानों के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई।
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