बोकारो स्टील प्लांट में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापितों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। लगातार आठवें दिन भूख हड़ताल जारी रहने के बीच शनिवार को आंदोलनकारियों ने प्लांट के सभी 11 गेट जाम कर दिए।
NEWS SAGA DESK
बोकारो स्टील प्लांट में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापितों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। लगातार आठवें दिन भूख हड़ताल जारी रहने के बीच शनिवार को आंदोलनकारियों ने प्लांट के सभी 11 गेट जाम कर दिए। मेन गेट बंद होने के बाद प्लांट में मजदूरों और अधिकारियों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। काम करने के लिए प्लांट के अंदर जाने वाले कर्मचारियों को भी बाहर रोक दिया गया। सभी गेटों पर आवागमन बाधित होने से प्लांट के कामकाज और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है। वहीं, पुलिस प्रशासन आंदोलनकारियों और प्लांट प्रबंधन के बीच बातचीत कराकर गतिरोध खत्म करने की कोशिश में जुटा है।
क्या है विस्थापितों की मांग?
विस्थापित अप्रेंटिस संघ और विस्थापित परिवारों की प्रमुख मांग है कि बोकारो स्टील प्लांट में बंद चतुर्थवर्गीय पदों पर बहाली की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाए। इसके साथ ही अप्रेंटिस का प्रशिक्षण पूरा कर चुके विस्थापित युवाओं को स्थायी नौकरी देने की मांग भी उठाई जा रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रबंधन ने जताई सुरक्षा की चिंता
दूसरी ओर, बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन ने औद्योगिक शांति और सुरक्षा का हवाला देते हुए आंदोलनकारियों से प्रदर्शन वापस लेने की अपील की है। प्रबंधन के मुताबिक, प्लांट में कई तरह की खतरनाक गैसों का इस्तेमाल होता है। ऐसे में कर्मचारियों और अधिकारियों की आवाजाही बाधित होने से सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा हो सकते हैं। फिलहाल, सभी 11 गेट जाम होने के कारण प्लांट में प्रवेश को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अब सबकी नजर प्रशासन और प्रबंधन की बातचीत पर है। देखना होगा कि इस वार्ता से कोई समाधान निकलता है या विस्थापितों का आंदोलन आगे और तेज होता है।
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