झारखंड परीक्षा घोटाला: एएसओ सुषमा कुमारी निलंबित, सीआईडी जांच तेज

NEWS SAGA DESK

झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा अनियमितता मामले में जेएसएससी सीजीएल चयनित एएसओ सुषमा कुमारी निलंबित। जेपीएससी और जेएसएससी पेपर लीक मामलों में सीआईडी जांच और गिरफ्तारियों की पूरी अपडेट पढ़ें।

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) में कथित अनियमितताओं और धांधली के मामलों ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। राज्य में परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होने के बाद अब सरकार और जांच एजेंसियों ने इस पर सख्त रुख अपना लिया है। इसी कड़ी में, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल (CGL) परीक्षा के माध्यम से नियुक्त सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (ASO) सुषमा कुमारी को कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा निलंबित कर दिया गया है।

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं

गिरफ्तारी की तिथि से प्रभावी हुआ निलंबन

कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सुषमा कुमारी का निलंबन उनकी गिरफ्तारी की तिथि से प्रभावी माना गया है। उन्हें सीआईडी (CID) द्वारा 1 जनवरी 2025 को दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के जरिए बतौर सहायक प्रशाखा पदाधिकारी चयनित होने के बाद वह जांच के दायरे में आईं। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर सीआईडी ने यह कार्रवाई की थी। जेल भेजे जाने के बाद से ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सुगबुगाहट तेज हो गई थी, जिसे अब अमलीजामा पहनाया जाने लगा है। जानकारों का मानना है कि इस निलंबन के साथ ही राज्य में उन तमाम सरकारी कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है जो किसी न किसी रूप में प्रतियोगी परीक्षाओं की धांधली में संलिप्त पाए गए हैं।

जेपीएससी (JPSC) मेधा घोटाले की जांच तेज

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और मेधा सूची (Merit List) में बड़े पैमाने पर हेरफेर के मामलों की जांच भी सीआईडी बेहद गंभीरता से कर रही है। इस हाई-प्रोफाइल जांच के दायरे में परीक्षा का संचालन करने वाली निजी एजेंसियां, दलाल या बिचौलिए, परीक्षा में बैठे संदिग्ध अभ्यर्थी और आयोग (JPSC) से जुड़े कुछ आंतरिक लोग भी शामिल हैं।

जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी और प्रबंधकीय स्तर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर कुछ खास अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया था। ओएमआर (OMR) शीट से कथित छेड़छाड़, कॉपियों की री-इवेल्यूएशन में गड़बड़ी और चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में हुई धांधलियों की गहन पड़ताल की जा रही है। सीआईडी की ताबड़तोड़ कार्रवाई के तहत अगस्त 2026 में इस मामले में पांच और नए आरोपितों को दबोचा गया था। इसके साथ ही जेपीएससी मेधा घोटाले में गिरफ्तार कुल आरोपितों की संख्या बढ़कर 19 हो गई थी, जो बाद की जांच रिपोर्टों के अनुसार बढ़कर 20 तक पहुंच गई। जांच एजेंसी का मानना है कि इस घोटाले के तार दूर-दूर तक फैले हैं और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक: 36 गिरफ्तारियां

दूसरी ओर, बहुचर्चित जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) पेपर लीक मामले में भी सीआईडी की जांच लगातार जारी है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 10 अक्टूबर 2026 तक इस मामले में कुल 36 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पेपर लीक और परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र वायरल होने के इस मामले ने झारखंड के बेरोजगार युवाओं में भारी आक्रोश पैदा किया था।

जांच एजेंसी को इस बात की प्रबल आशंका है कि इस पूरे सिंडिकेट में कई अन्य लोग, कोचिंग संचालक और सरकारी तंत्र के कुछ भ्रष्ट हिस्से भी जुड़े हुए हैं। यही वजह है कि सीआईडी इस मामले में अभी और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जता रही है।

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