CJP Parliament March: 20 जुलाई को संसद मार्च निकालेगी सीजेपी, अभिजीत दीपके ने की शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील

CJP Parliament March: परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालेगी।

News Saga Desk

नई दिल्ली। CJP Parliament March को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने की घोषणा की है। पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है। पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने समर्थकों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील करते हुए आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने का आग्रह किया है।

सोशल मीडिया के जरिए समर्थकों से की अपील

CJP Parliament March से पहले अभिजीत दीपके ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि सभी समर्थक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें और किसी भी तरह की अव्यवस्था या उकसावे से दूर रहें।

उन्होंने कहा कि पार्टी का विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा।

दीपके ने अपने संदेश में कहा कि जो भी व्यक्ति गड़बड़ी फैलाने या नकारात्मक नारेबाजी करने की कोशिश करेगा, वह न तो सोनम वांगचुक का समर्थक माना जाएगा और न ही सीजेपी का।

जंतर-मंतर पहुंचने का किया आह्वान

पार्टी प्रमुख ने सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से 20 जुलाई को बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की।

उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा और सभी प्रतिभागियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपेक्षा है।

सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद बढ़ी हलचल

इस आंदोलन के बीच पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे।

CJP Parliament March

शनिवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें उपचार के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद आंदोलन से जुड़ी राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।

दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

प्रस्तावित CJP Parliament March को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

पुलिस का कहना है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर चल रहे अभियान से जुड़े कुछ मामलों में भी कार्रवाई की गई है।

क्या हैं आंदोलन की प्रमुख मांगें?

सीजेपी के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराना, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करना है।

पार्टी का आरोप है कि लगातार सामने आ रही परीक्षा अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने में विफल रही है।

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शांतिपूर्ण प्रदर्शन का दावा

पार्टी ने स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई का संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा।

सीजेपी ने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे प्रशासन के साथ सहयोग करें, कानून-व्यवस्था का पालन करें और किसी भी प्रकार की हिंसा या उकसावे से दूर रहें।

नोट: समाचार में उल्लिखित मांगें और आरोप संबंधित संगठन के दावे हैं। इन पर अंतिम निर्णय संबंधित जांच और सरकारी प्रक्रिया के बाद ही होगा।

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