NDRF Alert

झारखंड में NDRF Alert, श्रावणी मेले के लिए 3 टीमें तैनात

NEWS SAGA DESK

झारखंड में मॉनसून और श्रावणी मेले को लेकर NDRF Alert पर है। रांची, जमशेदपुर और देवघर में तीन विशेष टीमें तैनात की जाएंगी, जो बाढ़ और आपदा से निपटने के लिए तैयार रहेंगी।

झारखंड में NDRF Alert जारी कर दिया गया है। मॉनसून के दौरान संभावित बाढ़, जलभराव और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। राज्य के तीन प्रमुख शहरों—रांची, जमशेदपुर और देवघर—में तीन विशेष रेस्क्यू टीमों की तैनाती की जा रही है। इन टीमों को आधुनिक बचाव उपकरणों और आवश्यक संसाधनों से लैस किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

मॉनसून और श्रावणी मेले के लिए NDRF Alert

NDRF Alert के तहत रांची, जमशेदपुर और देवघर को रणनीतिक रूप से चुना गया है। इन तीनों स्थानों पर तैनात टीमें 24 घंटे निगरानी रखेंगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाएंगी।

एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट विनय कुमार ने बताया कि मॉनसून के दौरान राज्य में बाढ़, जलभराव, नदी दुर्घटनाओं और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की संभावना बढ़ जाती है। वहीं श्रावणी मेले के दौरान देवघर में लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

आधुनिक उपकरणों से लैस रहेंगी टीमें

एनडीआरएफ की सभी टीमें अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों, लाइफ सेविंग गियर, मोटरबोट, रस्सियों, लाइफ जैकेट, संचार उपकरण और मेडिकल सहायता सामग्री से पूरी तरह लैस रहेंगी।

डिप्टी कमांडेंट विनय कुमार ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में कम से कम समय में राहत कार्य शुरू करना प्राथमिक लक्ष्य होगा। इसके लिए टीमों को पहले से ही संवेदनशील इलाकों की जानकारी और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों का आकलन कराया गया है।

बरसाती नदियों के लिए विशेष रणनीति

झारखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए NDRF Alert के तहत विशेष रणनीति तैयार की गई है। राज्य की बरसाती नदियां, तेज बहाव और पथरीले जल स्रोत कई बार राहत कार्यों को चुनौतीपूर्ण बना देते हैं।

एनडीआरएफ के अनुसार, उनके जवान ऐसे कठिन इलाकों में भी सफलतापूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। टीमों को पर्वतीय, पथरीले और तेज जलधारा वाले क्षेत्रों में राहत कार्य का व्यापक अनुभव भी है।

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श्रावणी मेले में सुरक्षा होगी और मजबूत

देवघर में आयोजित होने वाला श्रावणी मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। भारी भीड़ और लगातार बारिश के कारण कई बार आपात स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

इसी को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ की विशेष टीम देवघर में तैनात रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन में सहयोग और आपदा राहत कार्यों में स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।

प्रशासन के साथ रहेगा समन्वय

एनडीआरएफ ने बताया कि सभी टीमें जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाकर काम करेंगी।

यदि किसी भी जिले में बाढ़, नदी दुर्घटना, भवन गिरने, जलभराव या अन्य प्राकृतिक आपदा की सूचना मिलती है तो संबंधित टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू करेगी।

हर वर्ष मॉनसून के दौरान झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश, बाढ़, नदी दुर्घटनाओं और जलभराव की घटनाएं सामने आती हैं। वहीं श्रावणी मेले के दौरान देवघर में लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। इसी कारण एनडीआरएफ हर वर्ष विशेष तैयारी के साथ अपनी टीमों की तैनाती करती है।

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रांची, जमशेदपुर और देवघर में एनडीआरएफ की अग्रिम तैनाती से आपदा की स्थिति में राहत कार्य तेज होंगे। इससे जान-माल के नुकसान को कम करने और श्रद्धालुओं व आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

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एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट विनय कुमार ने कहा कि सभी टीमें आधुनिक उपकरणों और आवश्यक संसाधनों से पूरी तरह तैयार हैं। झारखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और बरसाती नदियों को ध्यान में रखते हुए विशेष रणनीति बनाई गई है तथा जवान हर तरह की आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षित हैं।

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एनडीआरएफ ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों के पास जाने से बचें, प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सूचना दें।

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