ड्यूटी-फ्री चीनी इम्पोर्ट के नियम बदले, अब 2 महीने का समय

NEWS SAGA DESK

ड्यूटी-फ्री चीनी इम्पोर्ट के नियम बदले। अब इम्पोर्टर्स को बिल ऑफ एंट्री से 2 महीने में रिफाइंड चीनी बेचनी होगी। जानें नए नियम और असर।

सरकार ने ड्यूटी-फ्री चीनी इम्पोर्ट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब ड्यूटी-फ्री कच्ची चीनी का इम्पोर्ट करने वाले कारोबारियों को उसे रिफाइंड कर घरेलू बाजार में बेचने के लिए किसी तय कैलेंडर तारीख तक इंतजार नहीं करना होगा। नए नियम के तहत बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने की तारीख से दो महीने की समय सीमा लागू होगी।

ड्यूटी-फ्री चीनी इम्पोर्ट

सरकार के इस फैसले का मकसद घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और त्योहारी सीजन से पहले कीमतों पर दबाव कम करना है। खासकर उस समय जब त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने की संभावना रहती है, सरकार सप्लाई को पर्याप्त बनाए रखने पर जोर दे रही है।

क्या बदला है चीनी इम्पोर्ट के नियम में?

20 अगस्त को सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री इम्पोर्ट की अनुमति दी थी। यह इम्पोर्ट टैरिफ रेट कोटा यानी TRQ के तहत 31 अक्टूबर 2026 तक किया जा सकता है।

इसे भी देखें:-रांची में JSSC छात्रा का बड़ा आरोप! JMM महानगर अध्यक्ष समेत 8 पर शिकायत | छेड़खानी-मारपीट का आरोप

पहले व्यवस्था के तहत इम्पोर्ट की गई कच्ची चीनी को देश में रिफाइंड करके सफेद चीनी में बदलना और उसे 31 अक्टूबर तक घरेलू बाजार में बेच देना जरूरी था। अब सरकार ने इस तय अंतिम तारीख की बाध्यता को बदल दिया है।

नए नियम के मुताबिक, इम्पोर्टर के लिए समय सीमा बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने की तारीख से दो महीने की होगी। इससे अलग-अलग तारीखों पर चीनी इम्पोर्ट करने वाले कारोबारियों को अपनी खेप के हिसाब से प्रक्रिया पूरी करने का समय मिलेगा।

Read More News

Read More