निजी अंतरिक्ष क्षेत्र बना वैश्विक निवेशकों का केंद्र: मोदी

निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक निवेशकों का आकर्षण बन रहा है। इसरो प्रमुख ने चंद्रयान-3 की उपलब्धियां गिनाईं।

News Saga Desk

भारत का तेजी से उभरता निजी अंतरिक्ष क्षेत्र अब वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन रहा है। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपनी वैश्विक मौजूदगी लगातार मजबूत कर रहा है। निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स की बढ़ती भागीदारी से देश के स्पेस इकोसिस्टम में नवाचार, निवेश और नई तकनीकों के विकास को गति मिल रही है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर देशवासियों को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव और निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की तेजी से बढ़ती भूमिका देश को दुनिया भर के निवेशकों के लिए आकर्षक बना रही है।

अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषणों का वीडियो साझा करते हुए कहा कि भारत वैश्विक व्यवस्था में अपनी अंतरिक्ष उपस्थिति का लगातार विस्तार कर रहा है। उन्होंने इसे बदलाव के एक नए चक्र की शुरुआत से जोड़ते हुए कहा कि देश का अंतरिक्ष कार्यक्रम इसकी बढ़ती ताकत को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री के अनुसार इस लक्ष्य को हासिल करने में अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। सैटेलाइट तकनीक से लेकर संचार, मौसम पूर्वानुमान, नेविगेशन और पृथ्वी अवलोकन तक अंतरिक्ष तकनीक का इस्तेमाल देश के विकास में लगातार बढ़ रहा है।

निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स को मिला बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने भारत की निजी अंतरिक्ष प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय कंपनियां दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों ने निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं।

 निजी अंतरिक्ष क्षेत्र

स्पेस टेक्नोलॉजी में काम करने वाले स्टार्टअप्स अब केवल तकनीकी प्रयोग तक सीमित नहीं हैं। वे उपग्रह निर्माण, लॉन्च व्हीकल, डेटा सेवाओं और अन्य अंतरिक्ष आधारित तकनीकों पर काम कर रहे हैं। निजी क्षेत्र की इस बढ़ती भागीदारी से भारत में एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र तैयार हो रहा है, जिसमें स्टार्टअप, वैज्ञानिक संस्थान, निवेशक और उद्योग एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।

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Gen Z की तकनीकी प्रतिभा की पीएम ने की तारीफ

प्रधानमंत्री ने नई तकनीक विकसित कर रही जेनरेशन Z की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी अंतरिक्ष और तकनीक के क्षेत्र में नए विचारों के साथ आगे आ रही है।

सरकार और निजी क्षेत्र की ओर से उपलब्ध अवसरों के कारण युवाओं के लिए स्पेस टेक्नोलॉजी में करियर और उद्यमिता की संभावनाएं बढ़ी हैं। प्रधानमंत्री ने इस बदलाव को भारत की दीर्घकालीन अंतरिक्ष यात्रा के लिए महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की अंतरिक्ष सफलता अगली पीढ़ी के वैज्ञानिकों को प्रेरित कर रही है। अंतरिक्ष अभियानों की सफलता को देखकर बच्चे और युवा अब वैज्ञानिक बनने का सपना देखने लगे हैं।

इसरो के मिशनों ने विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसका असर आने वाले वर्षों में भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी मानव संसाधन पर भी दिखाई दे सकता है।

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