ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचल दिया। हादसे में 15 लोगों की मौत और 29 घायल होने की खबर है। CM मोहन यादव ने मुआवजे का ऐलान किया।
Gwalior Accident News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में शीतला माता मंदिर में दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं की मौत हो गई। चीनोर की ओर से आ रहा एक अनियंत्रित ट्रक श्रद्धालुओं को कुचलते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार से टकरा गया। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि 29 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को जयारोग्य अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव कार्य चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दुख जताया है।
पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ा ट्रक
जानकारी के अनुसार, नवरात्र के दौरान ग्वालियर स्थित शीतला माता मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। मंदिर में दर्शन का सिलसिला रात में भी जारी रहता है। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे से 2 बजे के बीच चीनोर की ओर से आ रहा धान से लदा एक ट्रक अनियंत्रित हो गया।
पुलिस के मुताबिक, ट्रक को रोकने की कोशिश की गई थी, लेकिन चालक बैरिकेडिंग तोड़कर आगे निकल गया। इसके बाद ट्रक ढलान की ओर बढ़ा और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। ट्रक ने रास्ते में मौजूद श्रद्धालुओं को कुचल दिया और मंदिर के गेट से टकरा गया।
हादसे की चपेट में आसपास की चार दुकानें भी आ गईं। वहीं, मंडी की दीवार ढहने से कुछ श्रद्धालु मलबे में दब गए। अचानक हुए हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
15 लोगों की मौत, 29 घायल
ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान के मुताबिक, हादसे की सूचना रात करीब 1:30 बजे मिली थी। इसके बाद तत्काल एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहनों को घटनास्थल पर भेजा गया। प्रशासन के अनुसार, हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई, जबकि 29 घायलों की पुष्टि हुई है।
घायलों को जयारोग्य अस्पताल के अलावा अन्य अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है। हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। प्रशासन की ओर से घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
CM मोहन यादव ने किया मुआवजे का ऐलान
ग्वालियर हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता की घोषणा करते हुए निर्देश दिए हैं कि:
- हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये दिए जाएंगे।
- गंभीर रूप से घायल लोगों को 2-2 लाख रुपये की सहायता मिलेगी।
- अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
- सभी घायलों का नि:शुल्क उपचार कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
राहुल गांधी ने जताया दुख
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी ग्वालियर हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शीतला माता मंदिर के पास बेकाबू ट्रक की चपेट में आकर श्रद्धालुओं की मौत की खबर बेहद दुखद है।
राहुल गांधी ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
जीतू पटवारी ने सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हादसे को हृदयविदारक बताते हुए घायलों के समुचित इलाज और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि हादसों के बाद जवाबदेही तय करना और लापरवाही पर रोक लगाना जरूरी है। उन्होंने पूछा कि आखिर आम लोगों की जान की कीमत सरकार कब समझेगी।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी जताई संवेदना
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी ग्वालियर हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि मां शीतला के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं की असामयिक मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है।
सिंधिया ने बताया कि वह मध्य प्रदेश सरकार और जिले के प्रभारी मंत्री के संपर्क में हैं। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के रास्ते पर हुए इस हादसे ने नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के दौरान यातायात नियंत्रण और बैरिकेडिंग की व्यवस्था कितनी प्रभावी थी, इसकी जांच महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का इलाज और हादसे से प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना है। घटना की विस्तृत जांच के बाद ही हादसे के सभी कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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