JTET Exam 2026 OMR Booklet Series Mistake: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में ओएमआर शीट पर बुकलेट सीरीज कोड भरना भूलने वाले अभ्यर्थियों ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) से सुधार की गुहार लगाई है। जानें पूरी खबर।
झारखंड में करीब एक दशक (10 साल) के लंबे इंतजार के बाद आयोजित हुई झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो चुकी है। परीक्षा के सफल आयोजन के बाद जहां एक तरफ लाखों अभ्यर्थी अपने परिणाम (Result) का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सैकड़ों अभ्यर्थियों की सांसें अटकी हुई हैं। परीक्षा के दौरान OMR शीट भरने में हुई एक छोटी-सी मानवीय भूल अब इन अभ्यर्थियों के लिए बहुत बड़ी परेशानी का सबब बन गई है।

कई अभ्यर्थी परीक्षा के तनाव और जल्दबाजी के कारण अपनी ओएमआर शीट पर प्रश्नपत्र का सीरीज कोड (Booklet Series Code) भरना भूल गए। अब उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि सीरीज कोड न होने के कारण उनकी उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) का मूल्यांकन नहीं हो पाएगा और उनका रिजल्ट अटक सकता है। इसी मांग को लेकर प्रभावित अभ्यर्थी लगातार झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) के चक्कर काट रहे हैं और सुधार का एक मौका देने की गुहार लगा रहे हैं।
2016 के बाद आयोजित हुई है परीक्षा
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने इस परीक्षा के लिए वर्षों तक लंबा इंतजार किया है। राज्य में पिछली बार वर्ष 2016 में शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की गई थी। इतने लंबे अंतराल के बाद परीक्षा होने के कारण अभ्यर्थियों के लिए यह सरकारी शिक्षक बनने का एक सुनहरा और बेहद महत्वपूर्ण अवसर था। परीक्षा के दौरान मानसिक दबाव के कारण कई छात्र OMR शीट में बुकलेट सीरीज लिखना भूल गए। अब छात्रों ने JAC कार्यालय में लिखित आवेदन देकर मांग की है कि ओएमआर शीट में मौजूद रोल नंबर, केंद्र कोड और अन्य विवरणों के मिलान के आधार पर उनकी इस त्रुटि को सुधारा जाए।
प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी की हस्तक्षेप की मांग
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार महतो ने भी जैक (JAC) प्रशासन से इसमें हस्तक्षेप करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि चूंकि राज्य में लगभग 10 साल बाद टेट परीक्षा का आयोजन हुआ है, इसलिए ओएमआर शीट पर सीरीज कोड न भर पाने जैसी तकनीकी चूक के कारण अभ्यर्थियों की वर्षों की मेहनत बेकार नहीं जानी चाहिए। उन्होंने जैक से आग्रह किया है कि परीक्षा केंद्र के रिकॉर्ड और डिस्ट्रीब्यूशन रजिस्टर के माध्यम से सीरीज का सत्यापन कर प्रभावित छात्रों के रिजल्ट का मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
फिलहाल, अभ्यर्थियों की नजरें झारखंड एकेडमिक काउंसिल के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या जैक इस मामले में कोई मानवीय या तकनीकी समाधान निकालता है या नहीं।
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