LPG Price Hike News: घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार को घेरा, उज्ज्वला योजना और महंगाई को लेकर उठाए सवाल
LPG Price Hike को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद खरगे ने सोशल मीडिया पर तीन सवाल पूछते हुए महंगाई, उज्ज्वला योजना और ईंधन नीति को लेकर केंद्र सरकार को घेरा।
News Saga Desk
घरेलू एलपीजी कीमतों में बढ़ोतरी पर कांग्रेस का हमला
घरेलू रसोई गैस (LPG) की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर देश की राजनीति गर्मा गई है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ाए जाने पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए महंगाई, उज्ज्वला योजना और ईंधन आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर सरकार से तीन महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं।
खरगे ने आरोप लगाया कि घरेलू गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम जनता की रसोई पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के मुद्दे पर पहले आवाज उठाने वाली भाजपा अब चुप क्यों है, इसका जवाब देश की जनता जानना चाहती है।
एलपीजी सिलेंडर की नई कीमत के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़ाकर 942 रुपये किए जाने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि लगातार बढ़ती गैस कीमतों ने मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बयान में कहा कि पिछले चार महीनों में घरेलू रसोई गैस की कीमत में 89 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार, इसका सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं।
पहला सवाल: 41 देशों से ईंधन आपूर्ति का क्या हुआ?
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने पहले सवाल में प्रधानमंत्री मोदी के संसद में दिए गए उन बयानों का जिक्र किया, जिनमें विभिन्न देशों से ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात कही गई थी।
खरगे ने पूछा कि यदि सरकार ने पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद 41 देशों से ईंधन स्रोत विकसित करने का दावा किया था, तो फिर घरेलू गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि क्यों हो रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी एलपीजी की उपलब्धता और पहुंच को लेकर शिकायतें क्यों सामने आती हैं।
दूसरा सवाल: उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों ने रिफिल क्यों नहीं कराया?
कांग्रेस अध्यक्ष ने दूसरा सवाल प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को लेकर उठाया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2025-26 के दौरान करोड़ों लाभार्थी परिवारों ने या तो केवल एक बार गैस सिलेंडर रिफिल कराया या फिर बिल्कुल भी रिफिल नहीं कराया।
खरगे के अनुसार, यदि बड़ी संख्या में लाभार्थी सिलेंडर रिफिल नहीं करा रहे हैं तो यह बढ़ती कीमतों और आर्थिक बोझ की ओर संकेत करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस सिलेंडर की बढ़ती लागत गरीब परिवारों को दोबारा पारंपरिक ईंधन की ओर धकेल रही है।
तीसरा सवाल: महंगाई पर भाजपा की चुप्पी क्यों?
अपने तीसरे सवाल में खरगे ने भाजपा नेताओं को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान महंगाई और गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर भाजपा लगातार विरोध प्रदर्शन करती थी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि यदि आज गैस सिलेंडर के दाम पहले की तुलना में काफी अधिक हो गए हैं, तो भाजपा नेता अब विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष में रहते हुए महंगाई पर राजनीति करने वाली भाजपा अब सत्ता में आने के बाद उसी मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।
महंगाई और गैस कीमतें बनीं राजनीतिक मुद्दा
एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहा है। गैस सिलेंडर आम परिवारों की दैनिक जरूरतों से जुड़ा होने के कारण इसकी कीमतों में बदलाव का सीधा प्रभाव लाखों घरों पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक बाजार की परिस्थितियां, आयात लागत और सरकारी नीतियां गैस की कीमतों को प्रभावित करती हैं। हालांकि विपक्ष लगातार यह मुद्दा उठाता रहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार को अतिरिक्त कदम उठाने चाहिए।
आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है राजनीतिक बहस
एलपीजी कीमतों में बढ़ोतरी के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। विपक्ष जहां इसे महंगाई और आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ से जोड़ रहा है, वहीं सरकार की ओर से इस मुद्दे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर एलपीजी कीमत, उज्ज्वला योजना और महंगाई को लेकर बहस और तेज हो सकती है। फिलहाल गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों ने देशभर में उपभोक्ताओं और राजनीतिक दलों के बीच चर्चा का नया विषय पैदा कर दिया है।
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