नेपाल सरकार द्वारा भारत, अमेरिका, चीन और ब्रिटेन सहित 13 देशों के लिए नामित राजदूतों की संसदीय सुनवाई प्रक्रिया मंगलवार से काठमांडू में शुरू हो गई है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
नेपाल सरकार द्वारा विभिन्न देशों में राजदूत के रूप में (अनुशंसित) 13 व्यक्तियों की संसदीय सुनवाई प्रक्रिया मंगलवार (06 अक्टूबर) से आधिकारिक तौर पर शुरू हो रही है। संघीय संसद सचिवालय के अनुसार, संसदीय सुनवाई समिति की बैठक में प्रस्तावित राजदूतों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों और उनकी ओर से प्रस्तुत कार्ययोजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

शिकायतों और कार्ययोजनाओं पर होगी चर्चा संसदीय सुनवाई समिति की बैठक सुबह 11:15 बजे आयोजित की गई, जिसमें समिति के सदस्यों के बीच नामित राजदूतों के खिलाफ दर्ज शिकायतों की प्रतियां वितरित की गईं। इसके साथ ही प्रस्तावित राजदूतों द्वारा अपनी-अपनी भूमिकाओं को लेकर तैयार की गई कार्ययोजनाएं (Action Plans) भी सदस्यों को उपलब्ध कराई गईं।
प्रस्तावित 13 राजदूतों के खिलाफ कुल सात शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से दो शिकायतें सभी 13 नामितों के खिलाफ संयुक्त रूप से हैं, जबकि पांच शिकायतें व्यक्तिगत रूप से अलग-अलग नामित व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज कराई गई हैं।
18 सितंबर को मंत्रिपरिषद ने की थी सिफारिश उल्लेखनीय है कि नेपाल सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक में 18 सितंबर को 13 देशों के लिए नए राजदूतों की नियुक्ति की सिफारिश की गई थी। इसके बाद संवैधानिक प्रावधानों के तहत संसदीय सुनवाई समिति ने प्रक्रिया शुरू की। नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 292 के तहत राजदूत पद पर नियुक्ति से पूर्व अनुशंसित व्यक्तियों की संसदीय सुनवाई आयोजित करना अनिवार्य है।
प्रमुख देशों के लिए प्रस्तावित राजदूतों की सूची सरकार द्वारा अनुशंसित प्रमुख राजदूतों में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
- भारत: डॉ. निश्चल नाथ पांडे
- अमेरिका: चिरन जंग थापा
- चीन: डॉ. कल्याण राज शर्मा
- ब्रिटेन: पूर्व सेना प्रमुख गौरव शमशेर जंग बहादुर राणा
- जापान: जिज्ञान कुमार थापा
- इजरायल: सुरेश कुमार कर्ण
- जर्मनी: शारू जोशी
- दक्षिण कोरिया: प्रो. डॉ. संगम श्रेष्ठ
- स्पेन: प्राप्ति शेरचन
- ओमान: डॉ. पद्माक्षी राणा
- मलेशिया: चूडामणि खरेल
- श्रीलंका: डॉ. मन्चला झा
- सऊदी अरब: गिरि बहादुर सुनार
संसदीय सुनवाई समिति द्वारा शिकायतों की जांच और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इनकी नियुक्ति को अंतिम मंजूरी प्रदान की जाएगी।
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