नेपाल में पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतें फिलहाल यथावत रहेंगी। भारत से कीमतें बढ़कर आने के बावजूद नेपाल आयल निगम ने त्योहारों और उपभोक्ता हित में राहत दी।
News Saga Desk
काठमांडू। नेपाल में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर नेपाल आयल निगम ने बड़ा फैसला लिया है। भारत से पेट्रोलियम पदार्थों की खरीद कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद नेपाल में फिलहाल पेट्रोल, डीजल, मिट्टी के तेल, विमान ईंधन और एलपीजी गैस की कीमतें यथावत रखी गई हैं। निगम ने यह निर्णय भोटेकोशी में आई असाधारण बाढ़ और भूस्खलन से उत्पन्न परिस्थितियों, आगामी त्योहारों और आम उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया है। हालांकि, इस फैसले के कारण निगम को हर पखवाड़े 3 अरब 20 करोड़ 38 लाख रुपये का घाटा होने का अनुमान है।
भारत से बढ़कर आई पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें
नेपाल आयल निगम की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, बीती रात इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) से पेट्रोलियम पदार्थों की नई खरीद कीमतें प्राप्त हुईं। नई दरों में पेट्रोल से लेकर डीजल और विमान ईंधन तक की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
निगम के मुताबिक, भारत से पेट्रोल की खरीद कीमत में 20 रुपये 44 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, डीजल की कीमत 20 रुपये 21 पैसे प्रति लीटर बढ़कर आई है। इसी तरह मिट्टी के तेल की खरीद कीमत में 15 रुपये 96 पैसे और विमान ईंधन की कीमत में 18 रुपये 66 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई है।
इसके अलावा खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी गैस की कीमत भी 81 रुपये 32 पैसे प्रति सिलेंडर बढ़कर आई है। इन सभी उत्पादों की खरीद कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद नेपाल आयल निगम ने घरेलू बाजार में इनके मौजूदा खुदरा दामों में कोई बदलाव नहीं किया है।
त्योहारों को देखते हुए नहीं बढ़ाए गए दाम
नेपाल आयल निगम ने पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें स्थिर रखने के पीछे कई कारण बताए हैं। निगम के अनुसार, नेपाल में आगामी त्योहारों को देखते हुए आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं समझा गया। त्योहारों के दौरान आमतौर पर परिवहन, घरेलू उपयोग और अन्य आवश्यक गतिविधियों में ईंधन की मांग बढ़ जाती है।
ऐसे समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि होने से आम लोगों के मासिक खर्च पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसी तरह एलपीजी गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से घरेलू रसोई का बजट भी प्रभावित हो सकता है।

निगम ने उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल कीमतें स्थिर रखने का फैसला किया है। इस निर्णय से तत्काल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, हालांकि निगम को इसके लिए भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा।
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भोटेकोशी में बाढ़ और भूस्खलन भी अहम वजह
नेपाल आयल निगम ने अपने फैसले में भोटेकोशी क्षेत्र में आई असाधारण बाढ़ और भूस्खलन से उत्पन्न परिस्थितियों का भी उल्लेख किया है। प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित क्षेत्रों में पहले से ही लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे हालात में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि होने से आम नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ सकती थीं। परिवहन और दैनिक जरूरतों से जुड़ी लागत में संभावित वृद्धि का असर उपभोक्ताओं के खर्च पर भी पड़ सकता है।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निगम ने फिलहाल पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया है। हालांकि, बाढ़ और भूस्खलन के कारण हुए नुकसान या प्रभावित क्षेत्रों में ईंधन आपूर्ति की स्थिति के बारे में विज्ञप्ति में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
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