बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से बक्सा अभयारण्य लाई गई बाघिन, 2 अक्टूबर को जंगल में होगी आजाद

NEWS SAGA DESK

बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) से एक वयस्क बाघिन को पश्चिम बंगाल के बक्सा अभयारण्य लाया गया है। 2 अक्टूबर 2026 को इसे जंगल में छोड़ा जाएगा। पढ़ें पूरी खबर।

बिहार और पश्चिम बंगाल के वन विभागों के संयुक्त प्रयासों से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve – VTR) से पकड़ी गई एक वयस्क बाघिन को विशेष विमान के जरिए उत्तर बंगाल पहुंचाया गया है। इस बाघिन को पश्चिम बंगाल के अलीपुरदुआर जिले में स्थित बक्सा बाघ अभयारण्य (Buxa Tiger Reserve) में पुनर्वासित किया जाएगा, जहां 2 अक्टूबर 2026 को इसे औपचारिक रूप से खुले जंगल में छोड़ा जाएगा।

बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व

पश्चिम बंगाल के वन मंत्री मनोज उरांव ने इस स्थानांतरण की पुष्टि करते हुए इसे बक्सा में बाघों की स्थायी आबादी (Tiger Population) को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर करार दिया है।

स्पेशल विमान और ग्रीन कॉरिडोर से पहुंची बक्सा

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में वनकर्मियों ने भारी बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच कई दिनों के अथक प्रयास के बाद मंगलवार शाम इस बाघिन को सुरक्षित रूप से ट्रैंकुलाइज (Tranquilize) कर पकड़ा था। इसके बाद बाघिन को विशेष विमान से एयरलिफ्ट कर उत्तर बंगाल स्थित हासीमारा वायुसेना अड्डे (Hasimara Air Force Station) पर उतारा गया।

वायुसेना अड्डे से बक्सा टाइगर रिजर्व के भीतर बनाए गए विशेष एन्क्लोजर (बाड़े) तक बाघिन को लाने के लिए पुलिस और वन विभाग की मदद से एक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ (Green Corridor) बनाया गया, ताकि बिना किसी यातायात बाधा के इसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।

बिहार और पश्चिम बंगाल के वन विभागों के संयुक्त प्रयासों से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve – VTR) से पकड़ी गई एक वयस्क बाघिन को विशेष विमान के जरिए उत्तर बंगाल पहुंचाया गया है। इस बाघिन को पश्चिम बंगाल के अलीपुरदुआर जिले में स्थित बक्सा बाघ अभयारण्य (Buxa Tiger Reserve) में पुनर्वासित किया जाएगा, जहां 2 अक्टूबर 2026 को इसे औपचारिक रूप से खुले जंगल में छोड़ा जाएगा।

पश्चिम बंगाल के वन मंत्री मनोज उरांव ने इस स्थानांतरण की पुष्टि करते हुए इसे बक्सा में बाघों की स्थायी आबादी (Tiger Population) को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर करार दिया है।

स्पेशल विमान और ग्रीन कॉरिडोर से पहुंची बक्सा

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में वनकर्मियों ने भारी बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच कई दिनों के अथक प्रयास के बाद मंगलवार शाम इस बाघिन को सुरक्षित रूप से ट्रैंकुलाइज (Tranquilize) कर पकड़ा था। इसके बाद बाघिन को विशेष विमान से एयरलिफ्ट कर उत्तर बंगाल स्थित हासीमारा वायुसेना अड्डे (Hasimara Air Force Station) पर उतारा गया।

वायुसेना अड्डे से बक्सा टाइगर रिजर्व के भीतर बनाए गए विशेष एन्क्लोजर (बाड़े) तक बाघिन को लाने के लिए पुलिस और वन विभाग की मदद से एक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ (Green Corridor) बनाया गया, ताकि बिना किसी यातायात बाधा के इसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।

2 अक्टूबर को सुबह 9:30 बजे जंगल में होगी रिलीज

पश्चिम बंगाल के वन मंत्री मनोज उरांव ने बक्सा टाइगर रिजर्व का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि:

  • बाघिन को 2 अक्टूबर 2026 को सुबह 09:30 बजे बाड़े से निकालकर मुख्य जंगल में आजाद किया जाएगा।
  • इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के शामिल होने की पूरी संभावना है।

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