News Saga Desk
टेंडर घोटाला के जरिए करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग करने के आरोपी झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को शीर्ष अदालत में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आलमगीर आलम करीब दो साल बाद जेल से बाहर आ सकेंगे। इस फैसले के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि आलमगीर आलम पर टेंडर घोटाले के जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही थी और इसी सिलसिले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान आलमगीर आलम की ओर से जमानत की मांग की गई, जिस पर अदालत ने राहत देते हुए उनकी जमानत मंजूर कर ली।
आलमगीर आलम की जमानत मामले में इससे पहले 2 अप्रैल को भी सुनवाई हुई थी, जिसमें जांच एजेंसी ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट में अभी चार महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज होना बाकी हैं, ऐसे में अभियुक्तों को रिहा करना उचित नहीं होगा. ईडी ने कोर्ट के समक्ष यह आशंका भी जताई थी कि यदि इन आरोपियों को जमानत पर रिहा किया जाता है, तो वे बाहर निकलकर गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं या साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं. हालांकि, इन तमाम विरोधों के बावजूद अदालत ने अब उन्हें जमानत की राहत प्रदान कर दी है.
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