News Saga Desk
Sudivya Kumar ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन से झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली-2026 के तहत ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस योजना के जरिए राज्य के लोग अब बिना नक्शा या अनियमित तरीके से बने मकानों का नियमितीकरण ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से करा सकेंगे।
मंत्री ने कहा कि यह राज्य की जनता को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि Hemant Soren की पहल पर सरकार ने लोगों को अपने मकानों को नियमित कराने का एक अवसर दिया है।
क्या है भवन नियमितीकरण योजना?
सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत ऐसे भवनों को नियमित किया जाएगा जो बिना स्वीकृत नक्शे या मास्टर प्लान के बनाए गए हैं। इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है, जहां नागरिक आवेदन कर सकेंगे।
सरकार ने नियमावली को सरल और लचीला बनाया है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। नियमितीकरण शुल्क को तीन किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी गई है।
किन भवनों का होगा नियमितीकरण?
प्रधान सचिव सुनील कुमार ने बताया कि:
- केवल G+2 तक के भवन ही नियमित किए जाएंगे।
- भवन का क्षेत्रफल 300 वर्गफीट से कम होना चाहिए।
- पोर्टल लॉन्च होने के बाद 2 माह के भीतर आवेदन करना होगा।
- आवेदन के बाद 6 माह के अंदर निर्णय लिया जाएगा।
सरकार का फोकस व्यवस्थित शहरीकरण पर
सरकार का कहना है कि यह योजना अनियमित निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नहीं, बल्कि पहले से बने मकानों को राहत देने के उद्देश्य से लाई गई है। राज्य सरकार शहरों में फ्लाईओवर, सड़क, फुटपाथ, बस स्टैंड और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने पर जोर दे रही है।
लाइव डेमो के जरिए समझाई गई आवेदन प्रक्रिया
कार्यक्रम के दौरान सूडा निदेशक सूरज कुमार ने पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया। उन्होंने लोगों से समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की।
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