जिम्बाब्वे के मरोनडेरा में हेलिकॉप्टर हादसे में उद्योगपति विकनेल चिवायो, उनकी पत्नी समेत छह लोगों की मौत हो गई। हादसे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
News Saga Desk
हरारे। जिम्बाब्वे में बुधवार को हुए एक भीषण हेलिकॉप्टर हादसे में राष्ट्रपति एमर्सन मनांगाग्वा के करीबी माने जाने वाले उद्योगपति विकनेल चिवायो और उनकी पत्नी लूसी मुतेके समेत छह लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना राजधानी हरारे से करीब 70 किलोमीटर पूर्व मरोनडेरा में हुई। हादसे के बाद हेलिकॉप्टर में आग लग गई, जिससे उसमें सवार किसी भी व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका। मृतकों में चार यात्री और दो क्रू मेंबर शामिल हैं। फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर हादसे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मरोनडेरा में हुआ भीषण हेलिकॉप्टर हादसा
जिम्बाब्वे के मरोनडेरा में बुधवार को हेलिकॉप्टर क्रैश होने की घटना सामने आई। हादसा राजधानी हरारे से लगभग 70 किलोमीटर पूर्व में हुआ। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उसमें आग लग गई। हादसे की गंभीरता इतनी अधिक थी कि हेलिकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई।
जिम्बाब्वे के समाचार पत्र न्यूज डे की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को बुधवार शाम करीब चार बजे इस दुर्घटना की सूचना मिली। सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, दुर्घटना के समय हेलिकॉप्टर किस स्थान से उड़ान भरकर कहां जा रहा था, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हेलिकॉप्टर में चार यात्री और दो क्रू मेंबर मौजूद थे। दुर्घटना में सभी की जान चली गई। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आई थी या हादसे के पीछे कोई अन्य वजह थी।
विकनेल चिवायो और उनकी पत्नी की मौत
इस हादसे में जान गंवाने वालों में 43 वर्षीय उद्योगपति विकनेल चिवायो और उनकी पत्नी लूसी मुतेके भी शामिल हैं। चिवायो जिम्बाब्वे के चर्चित कारोबारी थे और उन्हें देश के राष्ट्रपति एमर्सन मनांगाग्वा का करीबी माना जाता था।

चिवायो का नाम जिम्बाब्वे के कारोबारी और राजनीतिक हलकों में अक्सर चर्चा में रहता था। वह देश में ऊर्जा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में सक्रिय थे। उनकी कंपनी इंट्राट्रेक जिम्बाब्वे विभिन्न विकास परियोजनाओं से जुड़ी रही है।
चिवायो की पहचान केवल एक उद्योगपति के रूप में ही नहीं थी, बल्कि वह अपनी सार्वजनिक गतिविधियों और प्रभावशाली लोगों से संबंधों के कारण भी चर्चा में रहते थे। उनकी अचानक हुई मौत से जिम्बाब्वे के कारोबारी और राजनीतिक हलकों में इस घटना को लेकर ध्यान केंद्रित हुआ है।
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इंट्राट्रेक जिम्बाब्वे के संस्थापक थे चिवायो
विकनेल चिवायो इंट्राट्रेक जिम्बाब्वे के संस्थापक थे। उनकी कंपनी मुख्य रूप से ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित परियोजनाओं में काम करती है। जिम्बाब्वे की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर भी उनका नाम चर्चा में रहा है।
उनका नाम ग्वांडा सोलर प्रोजेक्ट जैसे सरकारी ठेकों से भी जुड़ा रहा है। यह परियोजना देश में सौर ऊर्जा के विकास से संबंधित है। ऊर्जा क्षेत्र में उनकी कारोबारी गतिविधियों के कारण चिवायो को जिम्बाब्वे के चर्चित उद्योगपतियों में गिना जाता था।
हालांकि, सरकारी परियोजनाओं से जुड़े कुछ मामलों को लेकर भी वह विवादों में रहे। उन पर जिम्बाब्वे और आसपास के देशों में सरकारी ठेकों तथा चुनावी फंडिंग से संबंधित आरोप लगाए गए थे। चिवायो ने इन आरोपों को खारिज किया था। इन आरोपों के संबंध में उनके खिलाफ लगाए गए सभी दावों को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
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