घरेलू नौकरों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने को पैनल गठित करे केंद्र : सुप्रीम कोर्ट 

News Saga Desk

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू काम काज करने वालों के शोषण को रोकने का कानून बनाने के लिए केंद्र सरकार को छह महीने में एक पैनल गठित कर कानून की रूपरेखा तय करने का आदेश दिया है। जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि घरेलू कामगार देश के कार्यबल (वर्कफोर्स) का अहम हिस्सा हैं, लेकिन न तो उन्हें श्रम कानूनों के दायरे में रखा गया है और न ही कोई अन्य कानून उनके हितों की रक्षा के लिए बना है। इस वजह से घरेलू कामगार अपने नियोक्ताओं और एजेंसियों के हाथों शोषित होने के लिए मजबूर हैं।

कोर्ट ने श्रम मंत्रालय, महिला एवं बाल कल्याण, सामाजिक न्याय और अधिकारिता और विधि मंत्रालय को निर्देश दिया कि वे आपस में विचार विमर्श कर घरेलू कामगारों के लिए कानून की रूपरेखा सुझाने के लिए विशेषज्ञ कमेटी का गठन करें। विशेषज्ञों की कमेटी छह हफ्ते में अपनी रिपोर्ट देगा।

सुप्रीम कोर्ट उत्तराखंड की एक घरेलू कामगार के मामले पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें घरेलू कामगार ने अपनी तनख्वाह नहीं मिलने पर अपने मालिक पर मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में उत्तराखंड हाई कोर्ट ने भी मुकदमे को खारिज करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

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