News Saga Desk
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति पद के लिए NDA कैंडिडेट के नाम पर 17 अगस्त को मुहर लगेगी। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक रविवार शाम 6 बजे होगी, इसमें उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का नाम फाइनल किया जा सकता है।
यह कैंडिडेट 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करेगा। इस दौरान NDA शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। उधर विपक्षी गठबंधन के नेता भी उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर चर्चा के लिए 18 अगस्त को बैठक कर सकते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे INDIA ब्लॉक लीडर्स के साथ बातचीत कर रहे हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 9 सितंबर को वोटिंग होगी। उसी दिन मतगणना भी होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त है। 25 अगस्त तक उम्मीदवारी वापस ली जा सकती है। दरअसल, जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात अचानक उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। 74 साल के धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था।
भाजपा की तरफ से थावरचंद गहलोत सबसे प्रबल दावेदार
भाजपा इस पद के लिए अपनी विचारधारा के प्रति समर्पित कार्यकर्ता को उम्मीदवार बना सकती है। फिलहाल जिन नामों पर पार्टी में विचार चल रहा है, उनमें कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। दूसरा नाम सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर का भी है।

जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात अचानक देश के 14वें उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। (फाइल फोटो)
संसद में NDA के पास बहुमत
कुल मिलाकर NDA के पास 423 और INDIA ब्लॉक के पास 313 सांसदों का समर्थन है। शेष सदस्य किसी भी खेमे से जुड़े नहीं हैं। लोकसभा में कुल 542 सदस्यों में से NDA के पास 293 और I.N.D.I. गठबंधन के पास 234 सदस्य हैं। राज्यसभा में 240 सदस्यों में से NDA को करीब 130 और I.N.D.I. गठबंधन को 79 सांसदों का समर्थन है।
गहलोत जातीय समीकरण में भी फिट
थावरचंद गहलोत अभी कर्नाटक के राज्यपाल हैं। 77 साल के गहलोत राज्यसभा में सदन के नेता रह चुके हैं साथ ही केंद्रीय मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं। भाजपा में वे सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई पार्लियामेंट्री बोर्ड के सदस्य भी रहे हैं। जातीय समीकरण (दलित) में भी वे फिट बैठते हैं। वे मध्य प्रदेश से हैं। उनके पास प्रशासनिक अनुभव भी है।
माथुर मोदी-शाह के करीबी
ओम माथुर अभी सिक्किम के राज्यपाल हैं। 73 साल के माथुर पार्टी के कद्दावर नेता हैं और राजस्थान से आते हैं। वे गुजरात के चुनाव प्रभारी तब रहे हैं, जब पीएम मोदी वहां के मुख्यमंत्री थे। वे मोदी के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी करीबी माने जाते हैं। माथुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में प्रचारक रह चुके हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव के 6 चरण…
स्टेप 1- निर्वाचक मंडल का गठन करना : उपराष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल करता है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सभी निर्वाचित और नामित सदस्य शामिल होते हैं।
स्टेप 2- चुनाव की अधिसूचना जारी होना : निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचना में नामांकन, मतदान और परिणाम की तारीखें होती हैं।
स्टेप 3- नामांकन प्रक्रिया: उम्मीदवार को कम से कम 20 सांसदों द्वारा प्रस्तावक और 20 सांसदों द्वारा समर्थक के रूप में हस्ताक्षर के साथ नामांकन पत्र दाखिल करना होता है।
स्टेप 4- सांसदों के बीच प्रचार होता है: केवल सांसद मतदाता होते हैं। इसलिए यह प्रचार सीमित दायरे में होता है। उम्मीदवार और उनके समर्थक दल प्रचार में शामिल होते हैं।
स्टेप 5- मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी: हर सांसद मतपत्र पर प्रत्याशियों को प्राथमिकता के क्रम में (1, 2, 3…) अंकित करता है।
स्टेप 6- मतों की गिनती और परिणाम: जीत के लिए कुल वैध मतों का साधारण बहुमत (50% से अधिक) प्राप्त करना होता है। रिटर्निंग ऑफिसर नतीजे की घोषणा करते हैं।
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