News Saga Desk
चाईबासा । झारखंड के चाईबासा में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के साथ हुई गंभीर घटना ने पूरे राज्य में चिंता पैदा कर दी है। जानकारी मिली है कि कुछ थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाए जाने की सूचना के बाद राज्य सरकार ने तुरंत पश्चिमी सिंहभूम सिविल सर्जन और अन्य संबंधित पदाधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त किया और कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य की रक्षा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जायेगी। दोषियों को कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। सरकार सुनिश्चित करेगी कि सभी प्रभावित बच्चों का पूरा और सुरक्षित इलाज किया जाए।
राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि पीड़ित बच्चों के परिवारों को प्रत्येक परिवार को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी, ताकि उन्हें इलाज और अन्य आवश्यकताओं में कोई कठिनाई न हो। बच्चों का इलाज राज्य सरकार की देखरेख में विशेष चिकित्सकीय टीमों द्वारा किया जायेगा।
इस गंभीर मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया है कि बच्चों को दिए गए खून में सुरक्षा मानकों और आवश्यक परीक्षणों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हम स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही को स्वीकार नहीं करेंगे और सभी ब्लड बैंकों और अस्पतालों में सुरक्षा और निगरानी के मानकों को कड़ा किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने भी निर्देश जारी किए हैं कि सभी अस्पताल और ब्लड बैंक खून की जांच, सुरक्षा और रिकॉर्डिंग में कोई कमी न छोड़ें। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी और प्रभावित बच्चों की देखभाल सुनिश्चित की जायेगी।
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