Ranchi News: रांची के हरमू पार्क में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर कालिख पोतने वाले 17 वर्षीय किशोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने घटनास्थल के पास अपनी इंस्टाग्राम आईडी लिख दी थी, जिसके आधार पर पुलिस ने उसे बाल सुधार गृह भेज दिया है।
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रनायकों और महापुरुषों के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने की एक शर्मनाक घटना सामने आई है। रांची के हरमू स्थित हरमू पार्क में राष्ट्रनायक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा के चेहरे पर कालिख पोतने के मामले में रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक 17 वर्षीय किशोर को धर दबोचा है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी किशोर हेहल इलाके का रहने वाला है और वह खुद को अपने दोस्तों के बीच ‘डॉन’ साबित करना चाहता था।

इंस्टाग्राम आईडी से खुला राज
पुलिस के अनुसार, यह पूरी घटना 27 सितंबर की देर शाम की है। आरोपी किशोर ने सुनियोजित तरीके से काले रंग के स्प्रे का इस्तेमाल करते हुए हरमू पार्क में स्थापित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा के चेहरे पर कालिख पोत दी थी। हालांकि, अपराध करते वक्त आरोपी से एक बड़ी चूक हो गई। प्रतिमा पर कालिख पोतने से ठीक पहले उसने घटनास्थल के पास स्थित एक इमली के पेड़ के समीप उसी ब्लैक स्प्रे से अपनी इंस्टाग्राम आईडी ‘कोका डॉन’ लिख दी थी।
जब पुलिस महकमे के पास यह मामला पहुंचा, तो जांच अधिकारियों ने मौके पर मिले सुरागों को खंगालना शुरू किया। पेड़ पर लिखी गई इंस्टाग्राम आईडी ही पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुई। इसी आईडी के आधार पर सोशल मीडिया और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने आरोपी की पहचान की और मंगलवार को उसे उसके घर यानी हेहल इलाके से दबोच लिया। पुलिस की पूछताछ और शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना में इस्तेमाल किया गया ब्लैक स्प्रे का डब्बा आरोपी बाहर से खरीदकर नहीं लाया था, बल्कि वह उसे पार्क में ही मिल गया था। किशोर ने पहले उसी स्प्रे से अपनी इंस्टाग्राम आईडी ‘कोका डॉन’ लिखी और फिर उसी का इस्तेमाल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को विरूपित करने के लिए किया। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त ब्लैक स्प्रे का डब्बा और उसका मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।
आईफोन की जिद के लिए परिवार पर बनाया था दबाव
इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला पारिवारिक पहलू सामने आया है। पुलिस जांच के दौरान आरोपी की मां ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। इसके बावजूद, किशोर ने जिद्द पकड़ रखी थी कि उसे हर हाल में आईफोन (iPhone) चाहिए। मां के अनुसार, जब परिजनों ने फोन दिलाने में असमर्थता जताई, तो उसने आत्महत्या करने तक की धमकी दे दी थी। बेटे की जिद और आत्मघाती धमकी से डरे-सहमे परिवार ने आखिरकार अपनी जमीन बेचकर उसे आईफोन दिलाया था। पुलिस ने इस पारिवारिक पृष्ठभूमि और किशोर के उदंड स्वभाव से जुड़े तमाम तथ्यों को अपनी जांच डायरी में शामिल कर लिया है।
बाल सुधार गृह भेजा गया आरोपी
चूंकि आरोपी की उम्र 17 वर्ष है (यानी वह कानूनन नाबालिग है), इसलिए पुलिस ने बाल संरक्षण और किशोर न्याय से जुड़े प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई पूरी की। पुलिस ने उसे बाल सुधार गृह (Observation Home) भेज दिया है। इसके साथ ही, उसके मोबाइल फोन और बरामद स्प्रे को फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस घिनौनी हरकत के पीछे उसकी अपनी सनक थी या इस कृत्य में उसके अन्य दोस्त भी शामिल थे।
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