लोकतंत्र में चिंता की कोई बात नहीं– CJP विवाद पर बोले RSS प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर
News Saga Desk
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर आरएसएस (RSS) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र बेहद मजबूत और परिपक्व है, जहाँ हर आवाज के लिए जगह है। इसमें किसी भी तरह की चिंता की कोई बात नहीं है।
सोशल मीडिया पर चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख Sunil Ambekar ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र इतना मजबूत है कि वह सभी विचारों, भावनाओं और आवाजों को समाहित कर सकता है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं, खासकर Gen Z, का भारत और उसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गहरा भरोसा है।
सुनील आंबेकर ने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है, चुनाव पारदर्शी तरीके से होते हैं और सोशल मीडिया सहित मीडिया को अपने विचार रखने की पर्याप्त स्वतंत्रता प्राप्त है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में होने वाली चर्चाओं और अलग-अलग विचारों को किसी झटके या संकट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्थाएं मजबूत हैं और राजनीतिक दल भी लोकतांत्रिक विमर्श को संभालने में सक्षम हैं। उनके अनुसार, भारतीय लोकतंत्र में हर व्यक्ति की आवाज और भावनाओं को स्थान देने की क्षमता है और लोगों को इस व्यवस्था पर भरोसा रखना चाहिए।
Gen Z को लेकर क्या कहा?
सुनील आंबेकर ने कहा कि भारत के युवा और Gen Z पीढ़ी देश के भविष्य को लेकर आशावादी है। उन्होंने कहा कि युवा संवैधानिक दायरे में रहकर अपनी बात रखते हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास करते हैं। लोकतंत्र में विभिन्न मुद्दे उठना स्वाभाविक है और उनके समाधान के लिए भी लोकतांत्रिक तरीके मौजूद हैं।
पाकिस्तान से बातचीत पर भी रखी राय
आरएसएस महासचिव Dattatreya Hosabale के पाकिस्तान के साथ संवाद बनाए रखने संबंधी बयान पर पूछे गए सवाल के जवाब में सुनील आंबेकर ने कहा कि संघ का हमेशा से मानना रहा है कि लोगों के बीच संवाद से कई समस्याओं का समाधान निकल सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार स्तर पर बातचीत करना राजनीतिक और कूटनीतिक निर्णय का विषय है, लेकिन लोगों के बीच संपर्क और संवाद बने रहना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसे संबंध भविष्य में तनाव कम करने और मुद्दों के समाधान का आधार बन सकते हैं।
विभाजन को लेकर RSS का रुख
सुनील आंबेकर ने कहा कि आरएसएस ने हमेशा भारत के विभाजन का विरोध किया है। उनका दावा था कि यदि उस समय संगठन अधिक मजबूत स्थिति में होता, तो देश का विभाजन टाला जा सकता था।
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