NEWS SAGA DESK
नई दिल्ली :- दिल्ली सरकार ने आगामी कांवड़ यात्रा को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से उच्च स्तरीय कांवड़ समिति का पुनर्गठन किया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने समिति के गठन की घोषणा करते हुए कहा कि इस वर्ष भी शिवभक्तों को बेहतर और सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार द्वारा गठित समिति की अध्यक्षता दिल्ली के संस्कृति एवं विधि मंत्री Kapil Mishra करेंगे। समिति में विधायक अजय महावर, अनिल शर्मा, करनैल सिंह, संजय गोयल और उमंग बजाज को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और जनआस्था का प्रतीक है। सावन के दौरान दिल्ली की सड़कों पर उमड़ने वाला शिवभक्तों का जनसैलाब देश की सांस्कृतिक एकता और धार्मिक परंपराओं को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार कांवड़ व्यवस्थाओं को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं मानती, बल्कि इसे सेवा, श्रद्धा और सम्मान से जुड़ा दायित्व समझती है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली में प्रवेश करने वाले प्रत्येक कांवड़िए को बेहतर सुविधाएं और सम्मानजनक वातावरण मिले।
मुख्यमंत्री ने बताया कि समिति जल्द ही सभी जिला अधिकारियों, दिल्ली पुलिस, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक करेगी। बैठक में यात्रा मार्गों के प्रबंधन, वाटरप्रूफ टेंटों की गुणवत्ता, चिकित्सा सुविधाओं, चौबीसों घंटे बिजली-पानी की उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में सरकार ने कांवड़ यात्रियों के लिए अभूतपूर्व सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। वर्ष 2024 में जहां राजधानी में 170 कांवड़ शिविरों को अनुमति मिली थी, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 374 पंजीकृत शिविरों तक पहुंच गई।
इन शिविरों के संचालन के लिए सरकार ने टेंडर प्रणाली समाप्त कर सीधे लाभार्थी खातों में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। डीबीटी के माध्यम से 50 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 11 लाख रुपये तक की सहायता दी गई, जिसमें 50 प्रतिशत राशि आयोजन से पहले अग्रिम रूप से जारी की गई थी।
इसके अलावा पंजीकृत शिविरों को 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई गई तथा अस्थायी बिजली कनेक्शन के सिक्योरिटी डिपॉजिट में 75 प्रतिशत तक की छूट भी दी गई, जिससे आयोजन समितियों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।
दिल्ली सरकार का कहना है कि इस बार भी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएंगी।
No Comment! Be the first one.