NEWS SAGA DESK
रांची :- राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के पर्सनल लेजर (पीएल) खातों में वर्षों से जमा करीब 18,901.74 करोड़ रुपये की निष्क्रिय राशि को लेकर वित्त विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्त सचिव को निर्देश दिया है कि चार वर्ष से अधिक समय से पीएल खातों में पड़ी राशि को संबंधित विभागों के राजकोष में वापस जमा कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
वित्त विभाग के अनुसार सबसे अधिक राशि ऊर्जा विभाग के पीएल खातों में जमा है। विभाग के पास 3,943 करोड़ रुपये पड़े हुए हैं। इसके बाद नगर विकास विभाग में 2,876 करोड़ रुपये, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में 1,957 करोड़ रुपये, वित्त विभाग में 1,922 करोड़ रुपये तथा पथ निर्माण विभाग में 1,776 करोड़ रुपये जमा हैं। इसके अलावा करीब 20 अन्य विभागों के पीएल खातों में भी बड़ी मात्रा में राशि निष्क्रिय पड़ी हुई है।
सचिवों को जारी किए गए निर्देश
वित्त सचिव ने सभी विभागों के सचिवों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि लंबे समय से पीएल खातों में जमा राशि की समीक्षा की जाए और उसे नियमानुसार उपयोग में लाया जाए अथवा राजकोष में वापस जमा कराया जाए। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी राशि का लंबे समय तक निष्क्रिय रहना राज्य की वित्तीय व्यवस्था और बजट प्रबंधन को प्रभावित करता है।
चार वर्ष से अधिक राशि रखने पर रोक
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी विभाग को पीएल खाते में राशि चार वर्ष से अधिक समय तक रखने की अनुमति नहीं होगी। निर्धारित अवधि के बाद भी राशि का उपयोग नहीं होने पर संबंधित विभाग की स्वीकृति के साथ उसे राजकोष में वापस जमा कराया जाएगा।
वित्तीय अनुशासन पर सरकार का जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एक ओर जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने का प्रयास कर रही है, जबकि दूसरी ओर हजारों करोड़ रुपये विभिन्न पीएल खातों में निष्क्रिय पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी धन का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि पीएल खातों के बेहतर प्रबंधन के लिए एफआरबीएम (Fiscal Responsibility and Budget Management) के मानकों का पालन जरूरी है। लंबे समय तक राशि निष्क्रिय रहने से राज्य की वित्तीय स्थिति और बजट प्रबंधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
प्रमुख आंकड़े
| विभाग | पीएल खातों में जमा राशि |
|---|---|
| ऊर्जा विभाग | 3,943 करोड़ रुपये |
| नगर विकास विभाग | 2,876 करोड़ रुपये |
| उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग | 1,957 करोड़ रुपये |
| वित्त विभाग | 1,922 करोड़ रुपये |
| पथ निर्माण विभाग | 1,776 करोड़ रुपये |
| कुल राशि | 18,901.74 करोड़ रुपये |
सरकार का मानना है कि पीएल खातों में वर्षों से पड़ी निष्क्रिय राशि को व्यवस्थित कर विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं और जनहित कार्यक्रमों में अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सकेगा।
No Comment! Be the first one.