NEWS SAGA DESK
रांची :- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर धुर्वा स्थित मत्स्य किसान प्रशिक्षण केंद्र, शालीमार में योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मत्स्य कृषकों ने भाग लेकर योग और प्राणायाम का अभ्यास किया।
योग सत्र का आयोजन द आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता श्रीश्री रविशंकर के अनुयायी उज्ज्वल भास्कर के मार्गदर्शन में किया गया। योगाभ्यास का नेतृत्व अजीत कुमार और उनकी टीम ने किया। इस दौरान अजीत कुमार, जो रेलवे इंजीनियर हैं, ने मत्स्य कृषकों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया।
महिला मत्स्य कृषकों के लिए मौसमी बनर्जी, विशाखा दास, प्रेमा और नेहा ने योग प्रशिक्षण दिया तथा स्वस्थ जीवनशैली के लिए नियमित योग करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में निदेशक मत्स्य अमरेन्द्र कुमार, उप मत्स्य निदेशक शंभू प्रसाद यादव, जिला मत्स्य पदाधिकारी रांची जयंत रंजन, सहायक मत्स्य निदेशक (अनुसंधान) गीतांजलि, सांख्यिकी पदाधिकारी सुनील सिंह, सहायक मत्स्य निदेशक रेवती हांसदा तथा मत्स्य प्रसार पदाधिकारी मंजूश्री तिर्की सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
योगाभ्यास के पश्चात अपने संबोधन में अमरेन्द्र कुमार ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। इसकी महत्ता प्राचीन काल से रही है और नियमित योगाभ्यास से शरीर निरोग, मन शांत तथा जीवन संतुलित रहता है। उन्होंने सभी लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
कार्यक्रम में शंकर प्रजापति, कमलेश कुमार, यश बनर्जी, नंदन झा, मनोज कुमार, आशीष कुमार सहित बड़ी संख्या में मत्स्य कृषकों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने योग के महत्व को समझते हुए नियमित अभ्यास का संकल्प लिया।
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