पटना में जमीन के नाम पर धोखाधड़ी, 25 हजार का इनामी गिरफ्तार

NEWS SAGA DESK
पटना।
जमीन दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये लेने और कथित धोखाधड़ी के मामलों में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी मुशीर अहमद को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली थाने की पुलिस ने पाटलिपुत्र के रोड नंबर तीन में छापेमारी कर उसे पकड़ा। पुलिस के अनुसार, मुशीर लंबे समय से फरार था और पहचान छिपाकर पाटलिपुत्र इलाके में रह रहा था।

पुलिस ने बताया कि मुशीर मूल रूप से सीवान जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र के बडहैया का रहने वाला है। पटना में वह पहले भिखना पहाड़ी स्थित चमन अपार्टमेंट में रहता था। पुलिस की कार्रवाई शुरू होने के बाद उसने अपना ठिकाना बदल लिया था।

जमीन कारोबार के नाम पर कंपनी बनाने का आरोप

पुलिस जांच के अनुसार, मुशीर अहमद और उसके पार्टनर सुदामा सिंह ने पटना के फ्रेजर रोड में ‘कबीर कॉलोनाइजर एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से रियल एस्टेट कंपनी बनाई थी। आरोप है कि कंपनी के माध्यम से लोगों को जमीन उपलब्ध कराने का भरोसा देकर उनसे लाखों रुपये लिये गये।

जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर रकम लेने के बाद जमीन नहीं मिलने या लेनदेन को लेकर विवाद से संबंधित शिकायतें पुलिस तक पहुंचीं। इन शिकायतों के आधार पर कोतवाली थाने में जालसाजी और धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज किये गये।

पार्टनर सुदामा सिंह पहले ही गिरफ्तार

मुशीर अहमद के साथ जमीन कारोबार में पार्टनर रहे सुदामा सिंह को पुलिस दो दिन पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस ने उसे बिहटा के लई चौक से पकड़ा था।

सुदामा सिंह सारण जिले के मढ़ौरा थाना क्षेत्र के धैनुकी गांव का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार, मुशीर और सुदामा के खिलाफ जमीन दिलाने के नाम पर पैसे लेने और कथित धोखाधड़ी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।

दोनों के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कितने लोगों से रकम ली गयी और जमीन के नाम पर हुए लेनदेन में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

कई थानों में दर्ज हैं मामले

पुलिस के मुताबिक, मुशीर अहमद के खिलाफ अकेले पटना के कोतवाली थाने में 10 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा नौबतपुर थाने में एक और कदमकुआं थाने में भी एक मामला दर्ज है। ये मामले वर्ष 2021 से 2024 के बीच दर्ज किये गये थे।

इन मामलों में जमीन उपलब्ध कराने के नाम पर रुपये लेने और कथित धोखाधड़ी के आरोप शामिल हैं। पुलिस अब पुराने मामलों के रिकॉर्ड और शिकायतकर्ताओं से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।

आठ कट्ठा जमीन के नाम पर 83 लाख लेने का आरोप

जांच के दौरान नौबतपुर के चिरौररा गांव से जुड़ा एक मामला भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, कबीर कॉलोनाइजर एंड डेवलपर्स के माध्यम से 11 लाख रुपये प्रति कट्ठा की दर से आठ कट्ठा जमीन उपलब्ध कराने का वादा किया गया था।

आरोप है कि इस सौदे के लिए दानापुर निवासी मीता देवी से करीब 83 लाख रुपये लिये गये। इसके अलावा अन्य लोगों ने भी जमीन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लेने की शिकायत की है।

पुलिस इन सभी मामलों में पैसों के लेनदेन, जमीन से जुड़े दस्तावेज और आरोपों की जांच कर रही है।

पाटलिपुत्र में छिपकर रह रहा था मुशीर

पुलिस के अनुसार, मुशीर अहमद की तलाश लंबे समय से की जा रही थी। फरार रहने के दौरान उसने अपना पुराना ठिकाना छोड़ दिया था। पुलिस को सूचना मिली कि वह पाटलिपुत्र इलाके में पहचान छिपाकर रह रहा है।

सूचना के आधार पर कोतवाली थाने की टीम ने रोड नंबर तीन में छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे जमीन के नाम पर लिये गये पैसों और दर्ज मामलों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ कर रही है।

पैसों के लेनदेन की जांच करेगी पुलिस

मुशीर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब कथित जमीन धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की जांच को आगे बढ़ाने की चुनौती है। पुलिस उससे यह जानने की कोशिश करेगी कि अलग-अलग लोगों से कितनी रकम ली गयी, जमीन के सौदों में किन लोगों की भूमिका थी और रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया।

पार्टनर सुदामा सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब मुशीर की गिरफ्तारी से पुलिस को मामले की जांच में आगे बढ़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, आरोपों की वास्तविकता और पूरे लेनदेन से जुड़े तथ्यों का निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

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