राहुल गांधी ने इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्राओं के हॉस्टल और शिक्षा सुविधाओं का मुद्दा उठाते हुए PM मोदी से सवाल किया।
News Saga Desk
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों की शिक्षा और छात्रावास की सुविधाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा से हुई बातचीत का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सरकार के खर्च और छात्रों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को लेकर सवाल किया।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि एक छात्रा ने उनसे पूछा कि सरकार के पास दीये जलाने के लिए पैसे हैं, लेकिन छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाने के लिए क्यों नहीं। उन्होंने बताया कि छात्रा गांव से पढ़ाई के लिए इंदौर आई है, लेकिन हॉस्टल की सुविधा नहीं होने के कारण उसे पीजी में रहना पड़ रहा है।
हॉस्टल की कमी और पीजी के खर्च का मुद्दा
राहुल गांधी के मुताबिक, छात्रा को सुरक्षित रहने के लिए पीजी में रहना पड़ता है और इस पर काफी खर्च होता है। उन्होंने कहा कि किराए की चिंता और बेघर होने के डर के बीच छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखनी पड़ती है।
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि रहने की उचित व्यवस्था और सुरक्षा की कमी के कारण कई छात्राओं को पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती है। उन्होंने आवास भत्ते को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि यह महंगाई के अनुरूप नहीं बढ़ता तथा भ्रष्टाचार का भी शिकार होता है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए पूछा कि क्या उनके पास उस छात्रा के सवाल का कोई जवाब है।
पवन खेड़ा ने भी सरकार की खर्च प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट कर शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रचार और अन्य खर्चों पर पैसा खर्च कर रही है, जबकि शिक्षा के लिए पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
पवन खेड़ा ने अपनी पोस्ट में पीआर इवेंट्स, कपड़े, लग्जरी कारों, विमानों और अन्य खर्चों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि युवाओं की शिक्षा के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षक, ट्रेनिंग, हॉस्टल और रोजगार के अवसर नहीं हैं।
उनकी टिप्पणी राहुल गांधी के इंदौर में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद सामने आई, जिसमें शिक्षा, रोजगार, भर्ती, परीक्षा और हॉस्टल जैसी समस्याओं पर छात्रों के साथ बातचीत हुई।
‘छात्रों की गूंज’ में शिक्षा और रोजगार के मुद्दे
19 सितंबर को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद किया। कार्यक्रम में शिक्षा के साथ-साथ रोजगार, भर्ती परीक्षाओं और छात्रावास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याओं का हवाला देते हुए शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुविधाओं की जरूरत पर जोर दिया।
हॉस्टल को लेकर राहुल गांधी का मुख्य सवाल ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों में उच्च शिक्षा के लिए आने वाली छात्राओं की रहने और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर केंद्रित रहा। उनका कहना है कि महंगे पीजी का खर्च कई छात्रों और परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
सरकार के खर्च को लेकर कांग्रेस ने उठाया सवाल
राहुल गांधी और पवन खेड़ा के बयानों में शिक्षा के लिए सरकारी खर्च और अन्य आयोजनों पर होने वाले खर्च के बीच प्राथमिकता को लेकर सवाल उठाया गया है। कांग्रेस नेताओं ने विशेष रूप से हॉस्टल, शिक्षकों, प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचे और रोजगार के मुद्दों को सामने रखा है।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रा की ओर से उठाए गए हॉस्टल संबंधी सवाल का जवाब देने को कहा है। इस पूरे मामले में कांग्रेस नेताओं के आरोप उनके राजनीतिक बयानों के रूप में सामने आए हैं।
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