BJP ने राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तराखंड से दिनेश आर्य और पश्चिम बंगाल से रुक्मिणी मल्लिक उर्फ कोयल मल्लिक को उम्मीदवार बनाया है।
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्रीय चुनाव समिति ने राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के उम्मीदवारों के नामों को मंजूरी दे दी है। पार्टी ने उत्तराखंड से दिनेश आर्य और पश्चिम बंगाल से रुक्मिणी मल्लिक उर्फ कोयल मल्लिक को उम्मीदवार बनाया है।
भाजपा की ओर से रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में दोनों उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई। उत्तराखंड में राज्यसभा की एक सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव होना है, जबकि पश्चिम बंगाल में एक रिक्त सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा।
उत्तराखंड से दिनेश आर्य उम्मीदवार
भाजपा ने उत्तराखंड की राज्यसभा सीट के लिए दिनेश आर्य को अपना उम्मीदवार बनाया है। दिनेश आर्य उत्तराखंड में राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष के पद पर राज्य मंत्री के दर्जे के साथ काम कर चुके हैं। इसके अलावा वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी भी रह चुके हैं। दिनेश आर्य भाजपा के नैनीताल के पूर्व जिलाध्यक्ष और अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
बंगाल से कोयल मल्लिक पर दांव
पश्चिम बंगाल की रिक्त राज्यसभा सीट के उपचुनाव के लिए भाजपा ने अभिनेत्री और राजनेता रुक्मिणी मल्लिक, जिन्हें कोयल मल्लिक के नाम से जाना जाता है, को उम्मीदवार बनाया है।
कोयल मल्लिक मुख्य रूप से बंगाली फिल्मों में अपने अभिनय के लिए जानी जाती हैं। वह तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य भी रह चुकी हैं। पश्चिम बंगाल की यह राज्यसभा सीट उनके इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। रुक्मिणी मल्लिक ने 16 जुलाई को राज्यसभा सदस्य के पद से इस्तीफा दिया था। उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2032 तक था। अब इसी रिक्त सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा।
16 अक्टूबर को होगा मतदान
उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव तथा पश्चिम बंगाल की एक सीट के लिए उपचुनाव 16 अक्टूबर को होगा।
उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। चुनाव की पूरी प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की कुल 11 राज्यसभा सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल इस साल नवंबर में समाप्त हो रहा है। इसी वजह से इन सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव कराया जा रहा है।
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