रांची की हाई-प्रोफाइल कॉलोनी अशोक नगर में रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। एक IPS अधिकारी की ओर से सुरक्षा संबंधी चिंता जताते हुए सोसाइटी को रास्ते को बंद करने के लिए पत्र लिखे जाने के बाद मामला चर्चा में आ गया है
NEWS SAGA DESK:
रांची की हाई-प्रोफाइल कॉलोनी अशोक नगर में रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। एक IPS अधिकारी की ओर से सुरक्षा संबंधी चिंता जताते हुए सोसाइटी को रास्ते को बंद करने के लिए पत्र लिखे जाने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों ने रास्ता बंद किए जाने का विरोध किया है। विवाद को लेकर अरगोड़ा थाने में भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर IPS अधिकारी के पत्र को साझा करते हुए पुलिस व्यवस्था और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। इसी बीच प्रशासन ने भी मामले में हस्तक्षेप किया है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने संबंधित जमीन और रास्ते पर अगली सुनवाई तक किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगा दी है।
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत 29 सितंबर की शाम करीब सात बजे हुई। अशोक नगर गेट के अंदर एक रास्ते पर वाहन खड़े होने के कारण आवागमन बाधित होने की बात सामने आई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रास्ता प्रभावित होने से वहां रहने वाले कई परिवारों को आने-जाने में परेशानी हुई। बताया जा रहा है कि वाहन हटाने को लेकर दोनों पक्षों में बातचीत के दौरान मामला बिगड़ गया। इसी दौरान हुई कथित बहस का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है।
एक पक्ष ने आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान IPS अधिकारी की ओर से धमकी दी गई। वहीं, शिकायत में AK-47 से गोली मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय और पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा तक पहुंचाई गई। इसके अलावा अरगोड़ा थाने में भी लिखित शिकायत दी गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस रास्ते का इस्तेमाल आसपास रहने वाले परिवार करीब छह दशक से करते आ रहे हैं और इसे बंद किए जाने से कई परिवारों के दैनिक आवागमन पर सीधा असर पड़ेगा।
विवाद सामने आने के करीब दो दिन बाद संबंधित IPS अधिकारी ने अशोक नगर सोसाइटी को पत्र भेजा। पत्र में अधिकारी ने अपने आवास के बगल से गुजरने वाले रास्ते को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता जताई। पत्र में कथित तौर पर इस रास्ते से अवैध गतिविधियों की आशंका और सुरक्षा में तैनात जवानों के हथियार व कारतूस के साथ वहां मौजूद रहने का उल्लेख किया गया है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अधिकारी ने रास्ते के आसपास बॉन्ड्री कर उसे बंद करने की इच्छा जताई।
इसके बाद वहां निर्माण कार्य शुरू होने की सूचना मिली। मामले की जानकारी मिलने पर अरगोड़ा अंचल अधिकारी मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य को रुकवा दिया। विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। शनिवार को सदर अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया गया। इसमें क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका का उल्लेख करते हुए संबंधित जमीन और रास्ते पर अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगा दी गई।
इस आदेश के बाद फिलहाल रास्ते को लेकर चल रहा निर्माण कार्य रुक गया है। अब प्रशासन दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले की सुनवाई करेगा। अशोक नगर विवाद को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने X पर पोस्ट कर सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने IPS अधिकारी के पत्र को साझा करते हुए सवाल किया कि यदि सुरक्षा में तैनात AK-47 से लैस जवानों को भी खतरा महसूस हो रहा है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी।
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