News Saga Desk
जामताड़ा। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर आजसू पार्टी ने गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की है। आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि मंत्री ने चुनाव आयोग के बीएलओ के खिलाफ लोगों को भड़काने का कार्य किया है, जो पूरी तरह आपराधिक कृत्य है।
श्री प्रभाकर ने सवाल उठाते हुए कहा— “आखिर इरफान अंसारी को एसआईआर से भय क्यों लग रहा है? कहीं चोर की दाढ़ी में तिनका तो नहीं!” उनका आरोप है कि उपायुक्त जामताड़ा के सामने मंत्री ने संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग के कर्मचारियों को बांधने तक की बात कहकर जनता को उकसाया, जो लोकतांत्रिक प्रणाली के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि किसी मंत्री को ऐसा भ्रम फैलाने और अनैतिक बयान देने का कोई अधिकार नहीं है। जब पद पर बैठा व्यक्ति ही कानून-व्यवस्था तोड़ने की कोशिश करे तो उसे तुरंत पदमुक्त कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
आजसू नेता ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में भी एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाया गया था, लेकिन वहां जनता ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। बिहार के किसी भी मतदाता ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति नहीं जताई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण अभियान है, जिसे चुनाव आयोग रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950 की धारा 21(3) और संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत संचालित करता है। इसका उद्देश्य मृत, डुप्लिकेट और फर्जी मतदाताओं को हटाना और नए पात्र मतदाताओं को शामिल करना है ताकि मतदाता सूची पूर्णत: शुद्ध और अद्यतन रह सके।
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