भगत सिंह की जयंती पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी। देशभर में क्रांतिकारी के बलिदान को किया जा रहा याद।
News Saga Desk
कोलकाता। महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह की जयंती पर सोमवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से भगत सिंह को नमन करते हुए देश की आजादी के लिए उनके बलिदान को याद किया। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भगत सिंह का योगदान ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कम उम्र में देश की स्वतंत्रता के लिए प्राण न्योछावर करने वाले भगत सिंह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत माने जाते हैं। उनकी जयंती पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें याद किया जा रहा है।
भगत सिंह की जयंती पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने किया नमन
शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार सुबह उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने संदेश के माध्यम से महान क्रांतिकारी को नमन किया और उनके बलिदान का स्मरण किया।
भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन प्रमुख क्रांतिकारियों में शामिल थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। देश की आजादी के लिए उनके योगदान और साहस को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है।
मुख्यमंत्री की ओर से दी गई श्रद्धांजलि के साथ ही भगत सिंह के जीवन, विचारों और स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
28 सितंबर को मनाई जाती है भगत सिंह की जयंती
शहीद भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के बंगा गांव में हुआ था। यह स्थान अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित है। हालांकि, ऐतिहासिक दस्तावेजों में उनके जन्म की तारीख को लेकर कुछ मतभेद भी मिलते हैं। कुछ साक्ष्यों के आधार पर 27 सितंबर 1907 को भी उनकी जन्मतिथि बताया जाता है।

इसके बावजूद देशभर में सामान्यतः 28 सितंबर को उनकी जयंती मनाई जाती है। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों की ओर से कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में उनके जीवन, विचारों और स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान को याद किया जाता है।
भगत सिंह का जीवन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने युवाओं को देश की आजादी के संघर्ष से जोड़ने के लिए कई गतिविधियों में हिस्सा लिया था।
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जलियांवाला बाग हत्याकांड का भगत सिंह पर पड़ा गहरा प्रभाव
भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों के विकास में जलियांवाला बाग हत्याकांड की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वर्ष 1919 में अमृतसर में हुए इस हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस घटना का भगत सिंह के विचारों पर भी गहरा प्रभाव पड़ा।
ब्रिटिश शासन की नीतियों और दमनकारी कार्रवाइयों के विरोध में उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनका उद्देश्य केवल ब्रिटिश शासन से आजादी हासिल करना ही नहीं, बल्कि समाज में समानता और न्याय की स्थापना भी था।
युवाओं को संगठित करने के लिए भगत सिंह ने नौजवान भारत सभा के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में वे हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (एचएसआरए) से जुड़े। इस संगठन के माध्यम से उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों में हिस्सा लिया।
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